पढ़ें, ‘दान’ क्यों मांग रहे हैं सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े शिक्षक

पिछले 4 महीनों से वेतन न मिलने के कारण सरकार से नाराज राज्य के 1100 सर्व शिक्षा अभियान दफ्तरी कर्मचारियों (एस.एस.ए.) ने सरकार के विरुद्ध अनोखा विरोध व प्रदर्शन तेज करते हुए सरकारी दफ्तरों की दीवारों पर पंजाब सरकार का खजाना भरने के लिए राज्य के लोगों से ‘दान’ की मांग करने वाले पोस्टर लगाए हैं। मुलाजिमों का कहना है कि सरकार खजाना खाली होने की दुहाई देकर मुलाजिमों के रुके वेतन जारी करने में टाल-मटोल की नीति अपना रही है, जिसके कारण मुलाजिमों ने विरोध का नया तरीका ढूंढ लिया है। दूसरी तरफ इन कर्मियों द्वारा राजधानी चंडीगढ़ में शुरू की भूख हड़ताल भी आज 20वें दिन में पहुंच गई। इसके साथ ही जत्थेबंदी ने घोषणा की कि जब तक वेतन सहित मुलाजिमों की मांगों को इन-बिन लागू नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष को जारी रखा जाएगा।

जानकारी के अनुसार 2008-09 में सरकार द्वारा भर्ती किए गए सर्व शिक्षा कर्मियों को सरकार ने जहां भी ड्यूटी पर तैनात किया है उस स्थान पर ये कर्मी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं, लेकिन मुलाजिमों को वेतन सहित अन्य मांगें मनवाने के लिए पहले भी कई बार संघर्ष करना पड़ा है। जिला मोगा से संबंधित कर्मियों की जत्थेबंदी के जिलाध्यक्ष अमन थापर ने बताया कि मोगा जिले में 247 सर्व शिक्षा अभियान कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनको 4 महीनों से वेतन नहीं मिला है जिसके कारण मुलाजिमों का घरेलू कामकाज उलझ कर रह गया है। उनसे इस अनोखे संघर्ष संबंधी पूछे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुलाजिमों के पास अब मांगें मनवाने संबंधी तीव्र संघर्ष के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में संघर्ष की लड़ीवार योजना तैयार की जाएगी।

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