मानहानि केस: जेठमलानी ने जेटली पर दागे सवाल, जानें वित्त मंत्री ने क्या कहा

दिल्ली

वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा सीएम अरविंद केजरीवाल और अन्य आप नेताओं पर किए गए मानहानि के मामले में सोमवार को रजिस्ट्रार के समक्ष सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान राम जेठमलानी ने अरुण जेटली से क्रॉस एग्जामिनेशन किया.

यहां पर बता दें कि अरुण जेटली ने अरविंद केजरीवाल के ख़िलाफ़ दिसंबर, 2015 में 10 करोड़ रुपये का मानहानि का केस ठोका हुआ है.

अरुण जेटली ने कहा कि मेरे ख़िलाफ़ जो भी आरोप लगाए गए हैं वो मीडिया में जाकर लगाए गए. पार्लियामेंट में भी इसी तरह के सवाल मेरे ऊपर खड़े किए गए.

जेटली ने कहा, इसके जरिए मेरी इमेज को ख़राब करने की कोशिश की गई. मेरी छवि को जिस तरह से ख़राब किया गया उसकी किसी भी तरह से भरपाई नहीं की जा सकती. मेरी छवि उस समय भी खराब की जाती रही जब मैं इन आरोपों का लगातार खंडन करता रहा.

वहीं, केजरीवाल के वकील जेठमलानी ने अरुण जेटली से पूछा कि आपने 6 दिन का इंतज़ार करने के बाद 7वें दिन क्यों मानहानि का मुक़दमा किया? जेटली के वकीलों ने कहा कि वो इंतजार कर रहे थे. उन्होंने आरोपो का लगातार कई दिनों तक खंडन भी किया. जेठमलानी के बार-बार यही सवाल पूछने पर अरुण जेटली के वकीलों ने इन पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई.

जेठमलानी ने पूछा कि आपने कैसे तय किया कि आपकी जो मानहानि हुई है. उसकी आर्थिक रूप से भरपाई की जा सकती है. और ये मानहानि 10 करोड़ की है. क्या आपका इससे कोई आर्थिक नुकसान हुआ और अगर हुआ तो फिर कैसे?

जेटली ने जवाब दिया कि मैंने तो पहले ही कहा कि मेरी जो मानहानि हुई है उसकी छतिपूर्ति पैसे के आधार पर तो नहीं की जा सकती. मैंने 10 करोड़ रुपये का मानहानि का केस इसलिए किया कि मेरी जो वैल्यू मेरे परिवार, दोस्तों या समाज के बीच में है. उस आधार पर मैंने 10 करोड़ का मानहानि का केस किया.

जेठमलानी का सवाल था कि आपने अपनी मानहानि की याचिका में लिखा है कि आपके अधिकारों का हनन हुआ. हम आपसे जानना चाहते हैं कि आपके अधिकारों का हनन कैसे हुआ?

अरुण जेटली ने कहा कि मेरे खिलाफ लगातार एक कैंपेन चलायी गयी, जिससे मेरी इमेज को खराब किया जा सके, जिसको रोकना मेरे लिए जरुरी था इसीलिए मैंने मानहानि का केस किया.

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