भारतीय नौसेना की शान INS विराट आज होगा रिटायर, खरीदार की तलाश जारी

दिल्ली

करीब 6 दशक तक सेवा देने के बाद भारतीय नौसेना का विमानवाहक युद्धपोत, ‘आईएनएस विराट’ आज रिटायर हो रहा है. हालांकि, नेवी चीफ सुनील लांबा ने कहा कि अगर चार माह के भीतर इसका कोई खरीदार नहीं मिलता है तो युद्धपोत को तोड़कर टुकड़ों में बेचा जाएगा.

वहीं, आध्र प्रदेश सरकार ने संकेत दिए हैं कि उनकी इच्छा इस पुराने शिप का म्यूजियम बनाने की थी, लेकिन इस योजना में 1000 करोड़ रुपए की भारी रकम लगेगी.

बता दें कि आईएनएस विराट ने 30 साल तक नौसेना में सेवा देने से पहले 27 साल तक रॉयल नेवी में सर्विस दी थी. सबसे अधिक समय तक सेवा देने के लिए INS विराट का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शुमार है.

इस विमानवाहक युद्धपोत ने 1989 में श्रीलंका में शांति अभियान के दौरान अहम किरदार निभाया था. इसके अलावा 2001 में हुए संसद हमले के बाद ऑपरेशन पराक्रम में भी इसका इस्तेमाल किया गया था. आईएनएस विराट को सेवा से हटाए जाने के बाद हमारे पास दो विमान वाहक पोत कम हो जाएंगे क्योंकि आईएनएस विक्रांत को पहले ही सेवा से हटाया जा चुका है. INS विक्रांत को करीब 18 साल पहले रिटायर किया गया था.

आईएनएस विराट 12 मई 1987 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था. इससे पहले इसने ब्रिटेन की रॉयल नेवी में 27 साल तक सेवाएं दी थीं. रॉयल नेवी में इसका नाम एचएमएस हर्मीस था, जिसे 1959 में शामिल किया गया था. 1980 के दशक में भारतीय नौसेना ने इसे साढ़े छह करोड़ डॉलर में खरीदा था. आईएनएस विराट को मुंबई में एक समारोह के बाद नौसेना से डी-कमीशन कर दिया जाएगा.

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