पैंट्री कार में स्वाइप मशीन लगाना होगा जरूरी, पढ़ें रेलवे ने क्यों लिया ये फैसला

रेलवे के प्राइवेट कांट्रैक्टरों ने ट्रेनों के पेंट्री कार में ओवरचार्जिग के जरिए अब तक बहुत कमाई कर ली और पैसेंजर्स को चूना लगा लिया। कैटरर्स की इस मनमानी का रेलवे ने अब तोड़ निकाल लिया है। कैटरिंग रूल में बदलाव करते हुए एक अप्रैल से ट्रेनों के पेंट्री कार में स्वाइपिंग की सुविधा अवेलेबल कराई जाएगी। रेलवे बोर्ड ने पेंट्री कार संचालकों को पीओएस मशीन की व्यवस्था करने का आदेश जारी कर दिया है.

ओवरचार्जिग की शिकायत है आम
आईआरसीटीसी ने ट्रेन में पैसेंजर्स को अवेलेबल कराए जाने वाले चाय, नाश्ता से लेकर मील तक का रेट और मेन्यू निर्धारित कर रखा है। इसके बाद भी पेंट्री कार के वेंडर पैसेंजर्स से मनमाना रेट वसूलते हैं। मजबूरी में और जानकारी के अभाव में पैसेंजर्स मनमाना रेट पेमेंट भी कर देते हैं। वहीं जिन्हें रेट के बारे में जानकारी होती भी है, उन्हें भी निर्धारित रेट पर सामान नहीं मिलता है। पैसेंजर्स की लगातार आ रही शिकायत को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पुराने सिस्टम में बदलाव कर दिया है.

बिल देना भी होगा जरूरी
एक अप्रैल से पेंट्री कार में जहां स्वाइप मशीन रखना अनिवार्य होगा। वहीं साथ ही पैसेंजर्स को बिल देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। पेंट्री कार संचालक को पैसेंजर्स को अब बिल देना पड़ेगा। इसलिए अगर आप ट्रेन में सफर करने जा रहे हैं और पेंट्री कार से कुछ खरीदते हैं, तो बिल लेना न भूलें। अगर पेंट्री कार संचालक बिल नहीं देता है तो रेलवे के अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं.

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