वाह ! नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

इस साल के अंत तक नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच पहली मेट्रो का शुभारंभ हो जाएगा। हांलाकि इस प्रोजेक्ट के लिए समयसीमा मार्च 2018 रखी गयी है लेकिन ये 3 महीने पहले ही चलना शुरू हो जाएगी। 29.7 किलोमीटर लम्बे इस कॉरिडोर का काम लगभग खत्म हो चुका है और दिसंबर तक इस रूट पर मेट्रो भी दौलने लगेगी। दिल्ली मेट्रो कार्फोरेशन (DMRC) का कहना है कि यह भारत का अब तक का सबसे तेज प्रोजेक्ट है।

डीएमआरसी प्रमुख मंगू सिंह ने बताया कि इस लाइन का नाम अक्वा लाइन है जो एक और बेंचमार्क स्थापित करने जा रही है। अक्वा लाइन मेट्रो, देश की सबसे किफायती मेट्रो होगी। मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में मेट्रो पर आने वाले खर्च को 200 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से आंका गया था लेकिन हकीकत में इस प्रॉजेक्ट का खर्च महज 150 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर से भी कम आया। जबकि दिल्ली मेट्रो के फेज 3 का खर्च 552 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर है। यह भी पढ़ें: 66 प्रतिशत तक बढ़ सकता है दिल्ली मेट्रो का किराया

गौरतलब है कि इसके अलावा एक्वा लाइन ने एक अनोखा रिकॉर्ड भी बनाया जिसके लिए इसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। दरअसल इस लाइन के निर्माण में पुल बनाने के लिए 200 यू शेप गार्टर रखे गए हैं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस मौके पर राजधानी में गुरुवार को एक खास कार्यक्रम आयोजित किया और डीएमआरसी प्रमुख ने इस रिकॉर्ड के लिए लिम्बा बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की तरफ से सर्टिफिकेट स्वीकार किया। मालूम हो नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) के लिए डीएमआरसी इस मेट्रो लाइन का निर्माण कर रही है।

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