मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अप्रवासी भारतीय को 9 साल की सजा

एक अप्रवासी भारतीय को अमेरिका में धोखाधड़ी करने के आरोप में अमेरिकी कोर्ट ने नौ वर्ष की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अप्रवासी भारतीय को धोखाधड़ी के जरिए 170 रुपये कमाने का दोषी पाया है। इस अप्रवासी भारतीय का नाम अमित चौधरी है। उसको यह सजा अलेक्जेंड्रिया फेडरल कोर्ट ने सुनाई है। चौधरी को पिछले साल 21 सितंबर को इस मामले में दोषी करार दिया गया था। इस धोखाधड़ी के जरिए करीब एक हजार लोगों को चूना लगाया गया। अमित चौधरी वर्जीनिया के एशबर्न का रहने वाला है। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब FBI के एक एजेंट ने एक्ट्रेस की फोटो पहचान ली। फोटो टेलीविजन शो ‘V’ से ली गई थी।

अलेक्जेंड्रिया फेडरल कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद ने चौधरी ने कहा कि उन्‍होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उन्‍हें अपराधी करार दिया जाएगा। उन्‍होंने आरोप लगाया कि उन्‍हें इंटरनेशनल आईडेंटिटी थेफ्ट स्कीम में एक टीवी एक्ट्रेस ने फंसाया था। भारत के रहने वाले चौधरी पर विदेशों में रहने वाले रिश्तेदारों की मदद से इस करोड़ों डॉलर के घोटाले को अंजाम देने का आरोप था। चौधरी पर आरोप था कि चुराए गए क्रेडिट कार्ड्स से वह बैंक खाते खोल मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम देता था।

चौधरी एक सस्ते ट्रेवेल पैकेज के विज्ञापन से जुड़ी स्कीम का हिस्सा था। वह ग्राहकों के पैसों से अपने होटल के खर्चे और विमान का खर्चा भी भी चुकाता था। इसके लिए वह चुराए गए क्रेडिट कार्ड्स का इस्तेमाल करता था। पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के लिए उसने फर्जी पासपोर्ट भी तैयार करवाया जिसमें उसने एक्ट्रेस लॉरा वंडरवुर्ट की फोटो का इस्तेमाल किया था। कोर्ट ने इस मामले में एक अन्‍य भारतीय को भी आरोपी बनाया है। वह भारत में अमेरिकन एक्सप्रेस में काम करता है। उस पर चौधरी की मदद करने का आरोप है।

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