पंजाब बिजली निगम का 74,586 लाख रुपए पेंडिंग, डिफॉल्टर्स को नोटिस जारी

पंजाब राज्य बिजली निगम मैनेजमैंट ने पंजाब में सरकारी विभागों को 24272 से अधिक नोटिस भेजकर बिजली कनैक्शन काटने के आदेश देकर खाते खोल दिए हैं। पंजाब के सरकारी विभागों की ओर ही बिजली निगम के 74586 लाख रुपए पेंडिंग चल रहे हैं। बिजली निगम ने पंजाब के डी.सीज और एस.एस.पीज के साथ-साथ पंजाब के कई प्रिंसिपल सैक्रेटरियों व अन्य अधिकारियों को सीधे ही नोटिस भेजे हैं कि अगर उन्होंने अपनी डिफाल्टिंग अमाऊंट तुरंत न भरी तो बिजली निगम किसी भी विभाग को बख्शेगा नहीं।

पब्लिक हैल्थ है सबसे बड़ा डिफाल्टर
पंजाब राज्य बिजली निगम द्वारा सबसे बड़ा डिफाल्टर पंजाब के पब्लिक हैल्थ विभाग को घोषित किया गया है। बिजली निगम के बार्डर जोन में 6692.27 लाख, नार्थ जोन में 8129.07 लाख, वैस्ट जोन में 8791 लाख, सैंट्रल जोन में 1033 लाख और साऊथ जोन में 10742 लाख रुपए पेंडिंग पड़े हैं। बिजली निगम ने पंजाब के गांवों में लोगों को पानी सप्लाई कर रही टैंकियों के कनैक्शन काटने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया हुआ है।

पंजाब के डी.सीज और एस.एस.पीज दफ्तर हुए 1400 लाख के डिफाल्टर
बिजली निगम ने पंजाब के डी.सीज और एस.एस.पीज पर भी शिकंजा कसा है। बिजली निगम के आंकड़े के अनुसार 15 फरवरी तक बार्डर जोन के डी.सीज की ओर 45 लाख, नार्थ जोन के डी.सीज की ओर 20 लाख, वैस्ट जोन के डी.सीज की ओर 112 लाख, सी.जोन के डी.सीज की ओर 68 लाख और साऊथ जोन के डी.सीज की ओर 70 लाख रुपए पेंडिंग चले आ रहे हैं। इसी तरह बार्डर जोन के एस.एस.पीज की ओर 102 लाख, नार्थ जोन के एस.एस.पीज की ओर 85 लाख, वैस्ट जोन के एस.एस.पीज की ओर 248 लाख, सैंट्रल जोन के एस.एस.पीज की ओर 145 लाख, साऊथ जोन के एस.एस.पीज की ओर 472 लाख रुपए लेने हैं।

म्यूनिसिपल कमेटियां भी बड़े स्तर पर हैं डिफाल्टर
पंजाब बिजली निगम ने सिविल डिफैंस को नोटिस निकाल कर तुरंत 9.31 लाख रुपए भरने के आदेश दिए हैं। पी.एस.टी.सी. विभाग की ओर 47.24 लाख, म्यूनिसिपल कमेटियों की पानी वाली टैंकियों पर 95.20 लाख, एम.ई.एस. की ओर 1 लाख, एस.डी.एम. दफ्तरों की ओर 117.3 लाख, तहसील काम्पलैक्सों की ओर 386 लाख, पुडा काम्पलैक्सों की तरफ 138 लाख, डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स दफ्तरों की ओर 14.78 लाख, पंजाब के सरकारी अस्पतालों की ओर 2432.94 लाख, फोरैस्ट विभाग की ओर 70 लाख, पी.डब्ल्यू.डी., बी. एंड आर. की ओर 217 लाख, पनसप की ओर 3.40 हजार, गवर्नमैंट स्कूलों और आई.टीज की ओर
261 लाख।

म्यूनिसिपल कमेटियों की ओर 5420 लाख, एग्रीकल्चर विभागों की ओर 87.48 लाख, सैंट्रल विभागों की ओर 368 लाख, एनीमल विभाग की ओर 5.44 लाख, पंचायती राज की ओर 1099 लाख, फूड एंड सप्लाई विभाग की ओर 1.72 लाख, रैवेन्यू विभाग की ओर 75.44 लाख, सीवरेज विभाग की ओर 391.56 लाख, बी.डी.पी.ओज दफ्तरों की ओर 39.52 लाख, जिला परिषद की ओर 2.81 लाख, सोशल वैल्फेयर विभाग की ओर 17.41 लाख, सी.आई.डी. विभाग की ओर 19.78 लाख, सिविल कोर्टों की ओर 97.19 लाख, समूची जेलों की ओर 276.9 लाख व अन्य अलग-अलग विभागों की ओर 6642 लाख रुपए बकाया हैं।

बिजली निगम ईमानदारी से अपना काम कर रहा है: चेयरमैन
पंजाब राज्य बिजली निगम के चेयरमैन इंजी. के.डी. चौधरी ने कहा कि डिफाल्टरों के कनैक्शन काटने के लिए बिजली निगम पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिना किसी राजनीतिक दबाव के यह कार्रवाई हो रही है। चेयरमैन ने कहा कि पंजाब के इन सरकारी विभागों की ओर ही लगभग 750 करोड़ रुपए पेंडिंग चल रहे हैं और अगर यह पैसे बिजली निगम के पास आ जाएं तो बिजली निगम के सब घाटे पूरे हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि हर वर्ष 31 मार्च से पहले यह कार्रवाई होती है और इस वर्ष विशेष तौर पर सख्ती की गई है।

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