एक जुलाई से लागू होगा GST- अरुण जेटली

भारत में अधिक रफ्तार से बढ़ने की क्षमता है। गरीबी को घटाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा करने के लिए योजनाओं पर काम जारी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को ये बातें कहीं। उन्होंने इस बात को खारिज किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था तुरंत पूरी तरह से कैशलेस होने जा रही है।

जेटली ने बताया कि कर कानूनों का अनुपालन न होना भी नोटबंदी की एक वजह थी। जिनके पास पैसा है, अब उनकी पहचान हो सकेगी। भारत तुरंत कैशलेस बनने नहीं जा रहा है। अलबत्ता वह लेस-कैश यानी कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू होने पर नकदी का इस्तेमाल घटेगा। साथ ही कर प्रणाली की कार्यकुशलता बढ़ेगी।

वित्त मंत्री ने एक जुलाई से जीएसटी लागू होने की उम्मीद जताई है। डिजिटलीकरण और कैशलेस व्यवस्था की ओर बढ़ रही सरकार के प्रयासों पर जेटली ने कहा कि प्रमुख कारोबार, प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन, सैलरी पेमेंट और स्कूल फीस का भुगतान नकदी रहित प्रणाली के जरिये होगा। लेकिन यह पूरी तरह से नकदी रहित होगी? मुझे नहीं लगता कि यह तुरंत होने जा रहा है।

वहीं, बैक डेट (पिछली तिथि) से टैक्सेशन (कराधान) के बारे में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ने इस तरह का कोई कर नहीं लगाने का फैसला किया है। इस तरह के जो मौजूदा विवाद हैं उन्हें द्विपक्षीय स्तर पर या फिर न्यायिक प्रणाली के जरिये सुलझाया जा रहा है।

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