पढ़ें, सीएम वीरभद्र सिंह ने तहसीलदारों के लिए क्या घोषणा की

प्रदेश के सभी तहसीलदारों को वाहन सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ के वार्षिक राज्य स्तरीय सम्मेलन में यह घोषणा की। कहा कि केवल चयनित तहसीलदार जो उच्च दायित्व का निर्वहण कर रहे हैं, को चरणबद्ध तरीके से जिला राजस्व अधिकारी के पद पर स्तरोन्नत किया जाएगा।

उन्होंने निशानदेही एवं तकसीम इत्यादि के कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। सीएम बोले – तहसील तथा उप तहसीलों में राजस्व अधिकारियों की नियुक्ति के बावजूद निशानदेही प्रक्रिया को पूरा करने में काफी अधिक समय लगता है। वे ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की इस बारे में उनके पास शिकायतें पहुंचती रहती हैं, जब वे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के दौरे पर होते हैं।

इस प्रकार की समस्या को देखा जाना चाहिए। कहा कि राजस्व विभाग ने हमेशा विशेषकर आजादी के बाद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2.01 लाख का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने संघ के कॅलेंडर का भी विमोचन किया। राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि राजस्व क्षेत्र में भारी विस्तार हुआ है। वर्तमान सरकार के शासनकाल के दौरान राज्य में अनेक तहसीलें तथा उप तहसीलें खोली गई हैं।

प्रदेश में नए कानूनगो वृत्त सृजित किए गए हैं। राजस्व विभाग में 2300 युवाओं की बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ताओं के रूप में नियुक्ति की गई है। कहा कि उप पंजीयक का मानदेय 200 बढ़ाकर 2000 रुपये किया है। राजस्व अधिकारी संघ के अध्यक्ष नारायण चौहान ने मुख्यमंत्री से एचएएस में पदोन्नति कोटा को 35 प्रतिशत बढ़ाने की मांग की।

अधिवेशन में आयुर्वेद एवं सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह, विधायक अनिरुद्ध सिंह, मुख्य सचिव वीसी फारका, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व तरुण श्रीधर, संघ के महासचिव शीशराम और प्रदेश भर से आए राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।

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