देशद्रोह के आरोप में SIMI सरगना नागौरी समेत 11 आतंकियों को उम्रकैद

सिमी सरगना सफदर नागौरी समेत 11 आतंकियों को इंदौर के स्पेशल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। नागौर और उसके साथियों के खिलाफ देशद्रोह और अवैध हथियार रखने का आरोप था। इन सभी को मार्च 2008 में इंदौर के श्याम नगर से गिरफ्तार किया था।

प्रॉसिक्यूटर ने किए थे 334 सवाल
– स्पेशल जज बीके पलौदा ने सोमवार को इन सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
– बीते शुक्रवार को प्रॉसिक्यूटर विमल मिश्रा ने नागौरी सहित सभी आरोपियों से 334 सवाल किए थे। जिसके बाद कोर्ट ने 27 फरवरी को फैसला सुनाने की बात कही थी।
– स्पेशल कोर्ट ने नागौरी समेत सभी 11 आरोपियों को सेक्शन 124 के तहत देशद्रोह का दोषी माना।

गिरफ्तारी के वक्त मिले थे भारी मात्रा में हथियार
– इंदौर और धार पुलिस ने 27 मार्च 2008 को सिमी के 17 आतंकियों को इंदौर के माणिकबाग क्षेत्र के श्याम नगर से गिरफ्तार किया था।
– इनके पास से भारी मात्रा में खतरनाक हथियार, नक्शे और देश विरोधी लिट्रेचर मिला था।
– इन्होंने चोरल के पास एक फार्म हाउस में एक ट्रेनिंग कैम्प भी लगाया था।

कौन है सफदर नागौरी?
– स्टूडेंट इस्लामी मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का कर्ताधर्ता सफदर नागौरी सिर्फ भारत में ही एक्टिव नहीं था। यह अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन अल कायदा और पाकिस्तान में एक्टिव जमायते इस्लामी के भी कॉन्टेक्ट में था।
– उज्जैन के पास महिदपुर का रहने वाला नागौरी Mass Com का स्टूडेंट था। उसने उज्जैन के विक्रम विवि के जर्नलिज्म डिपार्टमेंट से कश्मीर प्रॉब्लम पर बर्फ की आग टाइटल से थिसिस लिखी थी।
– नागौरी को शाहिद बद्र फलाही की जगह सिमी का मुखिया बनाया गया था। इसके बाद सिमी का नाम मुंबई अजमेर बम विस्फोटों में सामने आया था।
– नागौरी का गुट कर्नाटक और आंध्रप्रदेश के परमाणु ठिकानों को उड़ाने की साजिश रच रहा था। उसके साथ पकड़ा गया कर्नाटक का सिबली और हाफिज दोनों बीटेक हैं।

नागौरी के अलावा इनको मिली सजा
– कमरुद्दीन नागौरी उर्फ राजू, सिबली, साबिर, अंसार, यासीन, हाफिज हुसैन, अहमद बेग, शमी, मुनरोज और खालिद अहमद।

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