मन की बात में बोले PM मोदी- डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ रहा है, ये शुभ संकेत

दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित किया. मन की बात कार्यक्रम का यह 29वां संस्करण था. कार्यक्रम में पीएम मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों की तारीफ करते हुए डिजिटल ट्रांजेक्शन के मुद्दे पर बातचीत की.

पीएम ने कहा, 8 मार्च को पूरा देश विश्व महिला दिवस मनाता है. ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ आंदोलन तेजी से आगे बढ़ रहा है. 8 मार्च को ‘महिला दिवस’ पर हमारा एक ही भाव है. ‘महिला, वो शक्ति है, सशक्त है, वो भारत की नारी है. न ज्यादा में न कम में, वो सब में बराबर की अधिकारी है.’

पीएम मोदी के भाषण के प्रमुख बिंदू-

* जब बेटी के जन्म पर उत्सव का समाचार मिलता है तो आनंद मिलता है.

* ब्लाइंड टी-20 वर्ल्डकप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराते हुए लगातार दूसरी बार चैंपियन बनके देश का गौरव बढ़ाया.

*किसान परंपरागत फ़सलों के साथ-साथ देश के ग़रीब को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग दालों की भी खेती करें.

* मैं देश के किसानों का धन्यवाद करता हूं, इस साल देश में लगभग 2,700 लाख टन से भी ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है.

* बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर का स्मरण करते हुए कम से कम 125 लोगों को ‘भीम एप’ डाउनलोड करना सिखाएं.

* डिजिटल पेमेंट कालाधन और भ्रष्टाचार को रोकने में अहम है.

* लकी ग्राहक योजना के तहत दिल्ली के एक 22 साल के ड्राइवर को एक लाख रुपये का ईनाम मिला.

* डिजिधन योजना के तहत अब तक 100 ग्राहकों को एक एक लाख रुपये का ईनाम मिला है.

* अब तक डिजिधन योजना के तहत 10 लाख लोगों को ईनाम दिया गया.

* हमारी युवाओं का विज्ञान के प्रति आकर्षण बढ़ना चाहिए, देश को बहुत सारे वैज्ञानिकों की ज़रूरत है.

* धीरे धीरे डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ रहा है, इसे मैं शुभ संकेत मानता हूं.

* चार-पांच देश ही हैं जिन्हें इंटरसेप्शन टेक्नोलॉजी की महारत हासिल है, भारत के वैज्ञानिकों ने ये करके दिखाया.

* भारत ने रक्षा के क्षेत्र में भी बैलेस्टिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया है.

* इसरो के इस सारे अभियान का नेतृत्व, हमारे युवा वैज्ञानिक, हमारी महिला वैज्ञानिकों ने किया.

* 104 सैटेलाइट अन्तरिक्ष में भेजकर इतिहास रचने वाला भारत दुनिया का पहला देश बना.

* पिछले दिनों इसरो ने विश्व रिकॉर्ड बनाया, हमारे वैज्ञानिकों ने भारत का सर गर्व से ऊंचा किया है.

* हम फाल्गुन महीने को विदा करने वाले हैं और नये मास चैत्र का स्वागत करने को तैयार बैठे हैं. वसंत के मौसम ने हम सबके जीवन में दस्तक दे दी है.

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