फिर से एक होंगे आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन और शहरी विकास मंत्रालय !

सचिवों के एक पैनल ने केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार के लिए सरकार को आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन तथा शहरी विकास मंत्रालयों को आपस में मिला देने की सिफारिश की है.

एक सूत्र ने बताया कि शहरी विकास, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर सचिवों के समूह ने यह भी सुझाव दिया कि दवा एवं आयुष मंत्रालयों को भी स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत लाया जाए.

उन्होंने कहा, ‘इन विलयों का लक्ष्य सरकारी योजनाओं के नियोजन एवं क्रियान्वयन में सुधार लाना है. आवास शहरी नियोजन एवं विकास का अभिन्न हिस्सा है’. उन्होंने कहा, ‘इसी तरह, शहरी विकास मंत्रालय की स्मार्ट सिटी योजना भी उत्तम आवास और अन्य चीजें प्रदान करने पर बल देती है. अगर दोनों मंत्रालय आपस में मिला दिए जाएं तो इससे अधिक कार्यकुशलता आएगी’. उन्होंने कहा कि एक अवधारणा नोट भी तैयार किया जाएगा, जिसमें वित्तीय प्रभावों पर गौर किया जाएगा और विलय के बाद मंत्रालय को दिये जाने वाले नए नामों पर भी विचार किया जाएगा.

शहरी विकास और आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय 2004 में अलग किए जाने से पहले एक ही मंत्रालय थे.

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