EPFO की नई स्कीम से अपना घर लेने का सपना होगा पूरा, पढ़ें कैसे

जो कर्मचारी भविष्य निधि में योगदान करते हैं, उन्हें अब इसके सहारे अपना मकान हासिल करने का मौका मिलेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने सदस्यों के लिए मार्च महीने में हाउसिंग स्कीम लांच करने जा रहा है। इसके तहत कर्मचारी अपने पीएफ खाते से प्रारंभिक एकमुश्त भुगतान और मासिक किस्त चुकाकर अपने मकान का सपना सच कर सकेंगे। सूत्रों के अनुसार ईपीएफओ ने सदस्य कर्मचारियों के लिए आवासीय योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इसे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के बाद किसी भी दिन लांच किया जा सकता है।

ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी बनानी होगी
योजना के तहत ईपीएफओ अपने सवा चार करोड़ सदस्य कर्मचारियों को सेवाकाल के दौरान मकान खरीदने में मददगार की भूमिका निभाएगा। इसके लिए कर्मचारियों को अपने नियोक्ताओं के साथ मिलकर ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी बनानी पड़ेगी। यह सोसायटी बैंकों और बिल्डरों या मकान विक्रेताओं के साथ गठजोड़ करके कर्मचारियों को मकान खरीदने में सहायता प्रदान करेगी। ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में कम से कम 20 सदस्य होने जरूरी होंगे।

सरकारी स्कीमों का भी ले सकेंगे फायदा
सदस्यों को प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी केंद्र अथवा राज्य सरकारों की विभिन्न आवासीय स्कीमों को आपस में क्लब करने की इजाजत होगी। संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के मामले में ईपीएफओ बैंकों को कर्मचारियों की साख और मासिक किस्त (ईएमआई) अदा करने की क्षमता का प्रमाणपत्र देगा। लेकिन कानूनी विवाद की स्थिति में वह किसी भी पक्ष की पैरवी नहीं करेगा। बिल्डर, विक्रेता, बैंक और ग्रुप हाउसिंग सोसायटी को आपस में ही विवाद सुलझाना होगा। विवाद की स्थिति में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के प्रमुख के अनुरोध पर ईपीएफओ को सदस्यों के खाते से ईएमआई का भुगतान रोकने का अधिकार होगा

कम वेतन वालों को फायदा
ईपीएफओ के 70 फीसदी से ज्यादा ग्राहकों का मासिक मूल वेतन 15 हजार रुपए से कम है। इस तरह की स्कीम लाए जाने से इन्हें सबसे ज्यादा लाभ होगा। इससे 2022 तक सभी को आवास के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को हकीकत में बदलने में मदद मिलेगी।

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