PAK एयरलाइंस की बड़ी लापरवाही, प्लेन की गैलरी में सफर करने को किया मजबूर

बीते कई वर्षों में पाकिस्तान एयरलाइंस की स्थिति ठीक नहीं चल रही. इस बीच एक खबर आई है कि वे सऊदी अरब की फ्लाइट पर 7 अतिरिक्त यात्रियों को सीट पर बिठाने के बजाय गलियारे में खड़ा करके ले गए. ऐसी जानकारी एयरलाइंस के प्रवक्ता ने दुनिया के अग्रणी मीडिया हाउस को दी. इन सारे यात्रियों को 20 जनवरी की प्लाइट पर ले जाया गया. यह प्लाइट मदीना के लिए जा रही थी और एयरलाइन द्वारी दी गई जानकारी के अनुसार सारी सीटें फुल थीं.

अखबार में छपी रिपोर्ट कहती है कि इस फ्लाइट पर यात्रा करने के लिए यात्रियों को हाथ से लिखे गए बोर्डिंग पास दिए गए. ऐसे में जरूरत और क्षमता से अधिक यात्रियों की वजह से फ्लाइट पर अवांछित घटनाएं घट सकती थीं. आपातकालीन स्थिति में उनके पास पर्याप्त ऑक्सीजन और सेफ्टी डिवाइस भी नहीं थे.

गौरतलब है कि बीते दिसंबर माह में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का एक विमान क्रैश कर गया था और इसमें फ्लाइट पर सवार सभी 48 यात्री अपनी जान गवां बैठे. हालांकि यह अपने तरह का पहला मामला सामने आया है जहां किसी फ्लाइट पर क्षमता से अधिक लोग सवार हुए हैं. यह फ्लाइट कराची से मदीना के लिए उड़ा था और इसपर कुल 416 यात्री सवार थे. जबकि स्टाफ सदस्यों को शामिल करने के बाद इसकी कुल क्षमता 409 यात्री की ही है.

पाकिस्तान के डॉन अखबार ने सिविल एविएशन अथॉरिटी पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने यात्रियों की जिंदगियों को खतरे में डालने का काम किया है. वे एयरलाइन के सूत्रों के हवाले से बताते हैं कि कैसे यात्रियों को कंप्यूटर से निकलने वाले बोर्डिंग पास के बजाय हाथ से लिखे गए बोर्डिंग पास दिए गए. साथ ही वे फ्लाइट कैप्टन अनवर आदिल का भी जिक्र करते हैं, जिन्हें उड़ान भरने के बाद अतिरिक्त यात्रियों के बारे में बताया गया.

वे डॉन अखबार से बातचीत में जिक्र करते हैं कि कैसे उड़ान भरने से पहले उन्हें इसके बारे में नहीं बताया गया. इसलिए उड़ान के बाद तात्कालिक लैंडिंग संभव नहीं थी. ऐसा करने से ढेर सारा इंधन लगता और यह एयरलाइंस के हित में नहीं था.

पाकिस्तान एयरलाइंस के प्रवक्ता दान्याल गिलानी कहते हैं कि मामले की जांच-पड़ताल जारी है और दोषियों पर उचित कार्रवाई होगी. जांच की समयसीमा पर पूछे गए सवाल पर वे कहते हैं कि इस पर तय समयसीमा लागू करना संभव नहीं है.

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