‘भारतीयों को भगाना ईदी अमीन की बहुत बड़ी भूल थी’

कम्पाला

युगांडा के प्रेसिडेंट योवेरी मुसेवेनी ने कहा है कि तानाशाह शासक ईदी अमीन द्वारा भारतीयों को देश से निकालना एक बड़ी भूल थी। लेकिन उन्होंने कहा कि वैसा करना भारत के खिलाफ नहीं था। ईदी अमीन 1971 से 1979 तक युगांडा के तानाशाह थे। उन्होंने ब्रिटेन से रिश्ते खराब होने पर ब्रिटिश पासपोर्ट धारियों को देश से निकाल दिया था। उनमें बड़ी संख्या में भारतीय, खासकर गुजराती उद्योगपति थे जो 100 साल से भी ज्यादा समय से वहां रह रहे थे। राष्ट्रपति मुसेवेनी एंटेब्बी में अपने आवास पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से बातचीत के बाद प्रेस को संबोधित कर रहे थे।

मुसेवेनी ने कहा, तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी कहा था कि जिन भारतीयों को निकाला गया था वे युगांडा के नागरिक थे। इस बीच, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने जिंजा में नील नदी के उद्गम के पास राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। यहां महात्मा गांधी की अस्थियों का कुछ हिस्सा विसर्जित किया गया था। यहां 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री आईके गुजराल ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया था।

Share With:
Rate This Article