नोटबंदी: 60% लोगों को पता नहीं उनके खाते में किसने डाले पैसे, 9150 लोगों को नोटिस

नोटबंदी के बाद जमा हुए 15-15 लाख रु. से ज्यादा, 60% का जवाब-पता नहीं किसने डाले पैसे
चंडीगढ़।नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा हुए रुपयों का सच सामने आने लगा है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल के ऐसे 15 हजार लोगों की पहचान हो चुकी है, जिनके खातों में नोटबंदी के 50 दिनों की भीतर ही 15-15 लाख रुपए से ज्यादा जमा हुए हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगे तो 60% लोगों ने कहा कि उन्हें नहीं पता कौन उनके खातों में पैसे जमा करा गया।

इसमें से ज्यादातर ऐसे हैं, जो रिटर्न फाइल करते समय अपनी सालाना इनकम दो से तीन लाख रुपए दिखाते रहे हैं। कालेधन के इस सफेद झूठ को पकड़ने के लिए आईटी डिपार्टमेंट ने बुधवार को ही 40 जगह सर्वे किए, जिसमें 7 करोड़ रुपए डिक्लेयर हुए जो किसी हिसाब में नहीं थे। 29 सर्वे पंजाब में, 9 हरियाणा और 2 चंडीगढ़ में हुए हैं।

इसके लिए आईटी डिपार्टमेंट ने 16 कमिश्नर व एडिशल कमिश्नर, 232 आईटीओ समेत कुल 1000 कर्मचारियों की टीमें बनाई गई थीं। 31 मार्च तक इनकम टैक्स विभाग के सभी कर्मचारियांे की छुटिटयां भी कैंसिल कर दी गई हैं। हालांकि, इन 15 हजार लोगों में से 40% ऐसे भी हैं, जो कालेधन की बात स्वीकार करते हुए इस पर बनता टैक्स देने को तैयार हैं।

9150 नोटिस अकेले पंजाब में
15 लाख या इससे ज्यादा कैश जमा कराने के मामले में जारी किए गए 15,000 नोटिस में सबसे अधिक 9150 पंजाब में हैं। इसके अलावा 4000 नोटिस हरियाणा, 1200 हिमाचल और 650 चंडीगढ़ में जारी हुए हैं। लुधियाना के एक ज्वेलर ने 16 करोड़ रुपए जमा कराए। 3,500 ऐसे खाते भी मिले हैं, जिनमें 50-50 लाख से अधिक जमा हुए हैं।
जिन खातों में बेनामी राशि जमा हुई है, वे बेनामी प्रॉपर्टी एक्ट के तहत सील किए जाएंगे। इसकी तैयारी चल रही है। आईटी डिपार्टमेंट को ऐसे खातों का भी पता चला है, जिनमें खाताधारकों की जानकारी बगैर ही राशि जमा हुई है। कैश डिपॉजिट बढ़ाने के दबाव में बिना पैन कार्ड भी राशि जमा होने के भी केस सामने आए हैं।

2.5 लाख से ज्यादा जमा करने वालों को 31 मार्च तक नोटिस
आईटी डिपार्टमेंट में मैनपावर की कमी है। इसलिए पहले चरण में सिर्फ 15 लाख और उससे अधिक कैश जमा करने वालों को नोटिस भेजे गए हैं। 31 मार्च तक उन सभी लोगों को जांच के दायरे में लाया जाएगा, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में ढाई लाख से ज्यादा राशि खाते में जमा की है।
-केसी जैन, चीफ प्रिंसीपल कमिशनर इनकम टैक्स, नार्थ-वेस्ट रीजन

ज्वेलर और पेट्रोल पंप मालिकों के खातों पर खास नजर
नोटबंदी के अगले ही दिन 50,000 रुपए/ तोला सोना बेचकर चांदी कूटने वाले ज्वेलरों के खातों पर डिपार्टमेंट की खास नजर है। डिपार्टमेंट की जांच में ये भी सामने आया कि बैंकांे में 500 व 1000 के पुराने नोट जमा करने में ज्वेलर ही सबसे आगे रहे हैं। हरियाणा के मुकाबले पंजाब में इस तरह के ज्यादा केस सामने आए हैं।

ज्वेलरों के बाद ज्यादा 500-1000 रुपए के पुराने नोट जमा कराने वाले पेट्रोल पंप मालिक हैं। 15 दिसंबर तक पंपों पर पुराने नोट चलते रहे, इसलिए डिपार्टमेंट तेल की सेल और बैंकांे में जमा हुई रकम की जांच के बाद ही पंप मालिकों को नोटिस जारी करेगा। अभी इनकी पहचान की जा रही है। डिपार्टमेंट ने ये भी तय किया है कि 10 लाख रुपए या इससे ज्यादा की राशि जमा कराने वालों की जांच कमिश्नर लेवल का अफसर ही करेगा।

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