अखिलेश पर PM मोदी का तंज- गधे से भी डरने लगे हैं क्या? हम तो प्रेरणा लेते हैं

बहराइच (यूपी)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बहराइच के नानपारा रोड के चौपाल सागर क्षेत्र के रामगांव में समाजवादी पार्टी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर प्रहार किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मुख्यमंत्री कहते हैं ‌क‌ि दिल बड़ा करके गठबंधन किया है लेकिन दिल बड़ा नहीं कड़ा करके गठबंधन हुआ है. कांग्रेस तो डूबी आपको भी ले डूबी सनम. 27 साल तक यूपी बेहाल करने वाले और 27 साल यूपी बेहाल कहने वाले दोनों म‌िल गए हैं. अब यूपी का क्या होगा?

प्रधानमंत्री ने कहा, हम सब लोकतंत्र में सरकार बनाते हैं. जब सरकार बनती है तो जनता के सपने होते हैं. पार्टियां वादे करती हैं लेकिन 5 साल में सबको हिसाब देना होता है. चुनाव पूरा होने आया है लेकिन मैं हैरान हूं कि यूपी सरकार के मंत्री जनता को हिसाब नहीं दे रहे हैं. एक गांव में एक कुनबा था जिसके पास कारोबार था. वो कार ऐसी थी जिसके हॉर्न के सिवाय सबकुछ बजता है. इनकी भी सरकार ऐसी है ‌ज‌िसका काम नहीं कारोबार बोलता है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि आप मोदी और बीजेपी पर हमला करो तो समझ सकता हूं, लेकिन अब आप गधे पर हमला कर रहे हो? गधे से भी डर लगने लगा है क्या? पीएम ने कहा मैं गर्व से गधे से प्रेरणा लेता हूं और देश के लिए गधे की तरह काम करता हूं. सवा सौ करोड़ देशवासी मेरे मालिक हैं. गधा वफादार होता है उसे जो काम दिया जाता है वह पूरा करता है.

पीएम ने कहा- मैं हैरान हूं कि आप जातिवादी मानसिकता से पशु में भी ऊंच-नीच का भाव देखने लग गए हैं. गधा आपको इतना बुरा लगने लगा. गधा भी हमें प्रेरणा देता है. वह हमेशा अपने मालिक के प्रति वफादार होता है और जिम्मेदारियों को निभाता है. जिनके गले लगकर आप वोट मांग रहे हो उसी यूपीए सरकार ने 2013 में गुजरात के गधों का पोस्टल स्टैंप निकाला था. अखिलेश आप जहां के गधे की बात कर रहे हो, वह उसी जगह हैं जहां गांधी, सरदार पटेल ने जन्म लिया. कृष्ण ने उसे अपनी कर्मभूमि बनाई.

गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने रायबरेली में हुई एक रैली में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन से अपील करते हुए कहा था कि ‘हम सदी के महानायक से गुजारिश करते हैं कि वे गुजरात के गधों का प्रचार करना बंद करें.’ उन्‍होंने आगे कहा कि ‘अगर गधों का प्रचार होने लगेगा तो कैसे चलेगा. गुजरात के लोग तो वहां के गधों का भी प्रचार करवा रहे हैं. गधे का भी कहीं प्रचार कराया जाता है.’

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