सरकार ने कुर्क की 55 करोड़ की संपत्ति, पढ़ें क्यों

नोटबंदी के बाद नए बेनामी लेनदेन कानून के तहत आयकर विभाग ने 230 से अधिक मामले दर्ज किए हैं और देशभर में 55 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है. यह कानून पिछले साल एक नवंबर से अस्तित्व में आया है. इस कानून के उल्लंघन में भारी भरकम जुर्माने और सात साल की जेल की सजा का प्रावधान है.

आयकर विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार विभाग द्वारा फरवरी के मध्य तक इस कानून के तहत 235 मामले दर्ज किए गए हैं. 140 मामलों में कुर्की के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इन मामलों में 200 करोड़ रुपये की संपत्ति शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार 124 मामलों में 55 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी तौर पर कुर्क की गई हैं.

अधिकारियों ने कहा कि कुर्क की गई संपत्तियों में बैंक खातों में जमा, कृषि और अन्य जमीन, फ्लैट और आभूषण शामिल हैं. पिछले साल आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद आयकर विभाग ने सार्वजनिक विज्ञापन जारी कर लोगों को चेताया था कि वे पुरानी करेंसी में अपना बेहिसाबी पैसा किसी अन्य के बैंक खाते में न जमा कराएं. इसमें कहा गया था कि इस तरह की किसी गतिविधि में बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून, 1988 के तहत आपराधिक मामला दायर किया जाएगा. यह चल और अचल संपत्ति दोनों के लिए होगा. देश में इस कानून को लागू करने के लिए आयकर विभाग नोडल एजेंसी है.

Share With:
Rate This Article