नोटबंदी के दौरान पांच लाख तक कैश जमा करवाने वालों के लिए बड़ी खबर !

नोटबंदी के बाद अपने खातों में 5 लाख रुपए तक कैश जमा करने वाले वृद्धों से आयकर विभाग पूछताछ नहीं करेगा। विभाग के अधिकारियों के अनुसार 70 साल से अधिक उम्र वाले लोगों से 5 लाख तक कैश जमा की पूछताछ नहीं की जाएगी। हालांकि, बाकी लोगों के लिए यह सीमा 2.5 लाख ही रहेगी।

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘डरने की कोई जरूरत नहीं है। हम वैसे सभी लोगों पर शिकंजा नहीं कसेंगे, जिन्होंने 8 नवंबर से 30 दिसंबर के दौरान अपने खाते में अपना कैश जमा किया है। डिपॉजिट के वेरिफिकेशन की खातिर आय विभाग के लिए साफ तौर पर सीमा तय की गई है। मैं फिर से दोहराता हूं, यह वेरिफिकेशन का मामला है, न कि स्क्रूटनी या एसेसमेंट का।’

अधिकारी का यह भी कहना था कि वेरिफिकेशन ऑनलाइन करने की बात है और अपने खाते में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा करने वाले 70 साल से ज्यादा उम्र के शख्स को आईटी डिपार्टमेंट की साइट पर जाकर डिपॉजिट का जरिया बताना होगा। अगर किसी का भी डिपॉजिट पिछले साल के रिटर्न के मुताबिक रहेगा, तो वेरिफिकेशन उसी वक्त खत्म हो जाएगा।

अधिकारी का यह भी कहना था कि आगे भी जो स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, वह बिना नोटिस जारी किए होगा। उन्होंने कहा, ‘ई-वेरिफिकेशन से अलग किसी तरह का थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन या जांच नहीं शुरू की जाएगी।’ उन्होंने कहा कि डिपॉजिट्स के ऑनलाइन वेरिफिकेशन का मकसद लोगों पर कंप्लायंस का बोझ कम करना है। अधिकारी के मुताबिक, वेरिफिकेशन के तहत लोगों को ई-फाइलिंग के जरिये ऑनलाइन जवाब देने के लिए ईमेल और एसएमएस भेजे गए। साथ ही, जिन लोगों ने अब तक ई-फाइलिंग पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, उन्होंने तुरंत ऐसा करना चाहिए।

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