पढ़ें, हरियाणा सरकार को HC ने क्यों जारी किया नोटिस

हरियाणा सरकार द्वारा जाटो को आरक्षण देने के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में ठाकुर शक्ति सिंह की पूरे आरक्षण एक्ट को चुनौती दी है। उन्होंने इंद्रा साहनी जजमेंट का हवाला देते हुए एक्ट को ही चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने इस याचिका पर हरियाणा सरकार को 3 मार्च के लिए नोटिस जारी किया है।

सफीदों निवासी शक्ति सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार ने जाटों के दवाब में उनको आरक्षण दिया गया है। याचिका के अनुसार सुप्रीम कोर्ट पहले ही जाटों को आरक्षण देने की नीति को रद कर चुका है और राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग सुप्रीम कोर्ट में यह कह चुका है कि जाट पिछड़े नहीं। जाट सेना, शिक्षा संस्थानों व सरकारी सेवा में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। ऐसे में उनको आरक्षण देना सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना है और कानूनन खिलाफ हैं।

याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1992 में एक फैसले में कहा था कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। हरियाणा सरकार ने वर्ष 2014 में भी जाटों समेत अन्य जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग में आरक्षण दिया था। इसे सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की सिफारिश को आधार बनाते हुए रद कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा था कि आयोग का सर्वे है कि आम्र्ड फोर्स, सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थाओं में जाटों का पुख्ता प्रतिनिधित्व है। ऐसे में उन्हें पिछड़ा नहीं माना जा सकता।

Share With:
Rate This Article