SYL नहर बनाने के हक में सुप्रीम कोर्ट, फिर भी जलयुद्ध छेड़ने पर अड़ा है इनेलो

चंडीगढ़

कहा जाता है दुनिया में अगर तीसरा विश्वयुद्ध हुआ तो पानी की वजह से होगा. लेकिन इस बात की उम्मीद शायद किसी को न रही हो कि पानी के लिए हिंदुस्तान के अंदर कोई सियासी पार्टी युद्ध लड़ने का एलान कर देगी, लेकिन ऐसा हो रहा है. हरियाणा और पंजाब के बीच एसवाईएल नहर के पानी को लेकर चल रहे है दशकों पुराने विवाद को निपटाने के लिए इंडियन नेशनल लोकदल ने जलयुद्ध का एलान कर दिया है.

बता दें कि कई दिनों की तैयारियों के बाद गुरुवार को इंडियन नेशनल लोकदल पंजाब में एसवाईएल नहर को खोदने की कोशिश करेगी, लेकिन विपक्षी पार्टियों को इंडियन नेशनल लोकदल का जलयुद्ध एसवाईएल का पानी लाने का कम और चर्चा में आने के साथ-साथ हरियाणा में अपनी सियासी जमीन को मजबूत करने का तरीका ज्यादा नजर आ रहा है.

इंडियन नेशनल लोकदल भले ही पंजाब में घुसकर नहर खोदने के लिए तैयार नजर आ रहा हो. लेकिन बीजेपी को पूरी उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट के जरिए ही हरियाणा को उसके हक का पानी मिल सकता है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में आज एसवाईएल मुद्दे पर सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने फिर साफ किया कि पंजाब सरकार को एसवाईएल नहर तो बनवानी ही होगी. पंजाब सरकार ने इनेलो के नहर खोदो आंदोलन का जिक्र किया तो सुप्रीम कोर्ट ने कानून व्यवस्था को दोनों राज्यों की जिम्मेदारी बताया.

इधर बीजेपी ने फिर से इनेलो के अभियान की खिल्ली उड़ाई है. बीजेपी नेता इनेला कार्यकर्ताओं के लिए दूध-जलेबी और ताकत की कैपसूल की व्यवस्था करने की बात कह रहे हैं. हालांकि सीएम ने मामले में राजनीति न करने की बात कही है.

वहीं, कांग्रेस को इस पूरे मामले को बीजेपी और इनेलो की मिलीभगत करार दी है. इस पूरी सियासत के साथ हरियाणा और पंजाब के बॉर्डर पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

इंडियन नेशनल लोकदल के नहर खोदो अभियान पर केंद्र से लेकर हरियाणा और पंजाब दोनों सरकारों की पैनी नजर हैं. केंद्रीय गृहराज्य मंत्री हंसराज अहीर ने भी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होने की बात कही. चंडीगढ़ के पंजाब भवन में हरियाणा और पंजाब के उच्च अधिकारियों की बैठक हुई तो ग्राउंड पर भी पुलिस मुस्तैद नजर आई. इनेलो के नहर खोदो अभियान को देखते हुए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है.

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