इनेलो के ‘जलयुद्ध सम्मेलन’ के मद्देनजर बढ़ाई गई सुरक्षा, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात

चंडीगढ़/अंबाला

पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर लगे जलयुद्ध सम्मेलन के पोस्टरों के जरिए इनेलो लोगों से अंबाला पहुंचने की अपील कर रहा है. पंजाब में नहर खोदकर चौधरी देवीलाल के सपनों को साकार करने की बात कही जा रही है, लेकिन इनेलो के मंसूबे पूरे न हों और कानून व्यवस्था पर किसी भी तरह की आंच न आए इसके लिए पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की पुलिस भी मुस्तैद है.

इनेलो के आंदोलन के मद्देनजर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. पूरे मामले पर केंद्र की नजर भी है. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने हंसराज अहीर ने बयान दिया कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी और दोनों राज्यों के बीच बातचीत के जरिए मामले का हल निकाला जाएगा.

इधर, मामले की गंभीरता को समझते हुए हालात का जायजा लेने के लिए डीजीपी हरियाणा केपी सिंह, एडीजीपी आरसी मिश्रा और अंबाला पुलिस कप्तान अभिषेक जोरवाल भी मौके पर पहुंचे. डीजीपी ने हरियाणा-बार्डर पर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ स्थिति को सामान्य बनाए रखने को लेकर रणनीति तैयार की.

फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से अंबाला में गुरुवार को 24 किलोमीटर का इलाक आठ घंटे तक सील रहेगा और दस जगहों पर नाके रहेंगे. जिनकी सुरक्षा अंबाला पुलिस की पांच कंपनी और चार जिलों से आई पुलिस के हाथों में रहेगी. पटियाला रेंज के डीआईजी आशीष चौधरी भी यहां पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए पहुंचे.

ग्राउंड के साथ साथ चंडीगढ़ में भी मंथन जारी है. यहां हरियाणा और पंजाब के आलाअधिकारियों की बैठक हुई. पंजाब और हरियाणा के मुख्य सचिव, अतिरिक्त सचिव के साथ साथ दोनों राज्यों के डीजीपी और एडीजीपी इस बैठक में मौजूद रहे. बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारियों ने संयुक्त रणनीति बनाई है.

वहीं, पंजाब ने केंद्र से बीस कंपनियां मंगवाई हैं. साथ ही हरियाणा की नौ कंपनियों समेत पुलिस फोर्स को भी तैनात किया गया है.

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