अगर ऐसा नहीं किया, तो हो जाएगा आपका अकाउंट फ्रीज

आपका खाता नया हो या पुराना, यदि आपने बैंक में अपना पैन नंबर नहीं दिया है तो आपका अकाउंट फ्रीज किया जा सकता है। बैंक की तरफ से अपने ग्राहकों को नोटिस भेजकर पैन नंबर देने की अपील की जा रही है। इसके तहत अभी तक करीब एक लाख से अधिक लोगों को बैंक की तरफ से नोटिस भेजा चुका है। यदि किसी खाताधारक के पास पैन नंबर नहीं है तो वह फॉर्म-60 भरकर जमा करवा सकता है। पैन नंबर को देना अब सभी के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।

बैंक ऐसा भारत सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइंस के तहत कर रहे हैं। दरअसल, नोटबंदी के बाद बैंकों में बड़ी संख्या में ऐसे खातों में करोड़ों रुपये जमा कराए गए हैं, जिनके पैन नंबर अपडेट नहीं है। ऐसे में इन खातों को चेक करने के लिए सरकार ने सभी खातों को पैन नंबर से लिंक करने का निर्देश दिया है। इसकी पुष्टि एसबीआई के रीजनल मैनेजर सुनील गोयल ने की है। उनका कहना है कि हमने अपनी सभी शाखाओं के बैंक मैनेजर को यह निर्देश जारी किया है कि सभी खाताधारक से पैन नंबर मांगा जाए। यदि किसी के पास पैन नंबर नहीं है उससे फॉर्म-60 भरवाया जाए।

जल्द जारी होगी लास्ट डेट
इनकम टैक्स के एक अधिकारी ने बताया कि पैन नंबर बैंक खाते के साथ अपडेट कराने के लिए जल्द ही सरकार की तरफ से लास्ट डेट जारी होगी। यदि उस अवधि तक कोई पैन नंबर और फॉर्म-60 नहीं जमा करवाता है तो उसके अकाउंट को फ्रीज कर दिया जाएगा। इसके बाद उसके खाते से रुपये नहीं निकल पाएंगे। पैन डिटेल्स केवाईसी मानक पूरे करने वाले खातों के लिए भी जरूरी है। यह नियम जीरो बैलेंस और जनधन खातों पर लागू नहीं होगा।

70 फीसदी खाते बिना पैन नंबर के
लीड बैंक मैनेजर आर. एस. मीणा के मुताबिक, अभी तक जिले के केवल 30 फीसदी अकाउंट ही पैन नंबर से जुड़े हैं। बाकी 70 फीसदी खाते बिना पैन नंबर के खोले गए हैं। खाता खोलते समय पहले पैन नंबर देना अनिवार्य नहीं था, लेकिन अब सरकार की तरफ से इसे अनिवार्य कर दिया गया है। इसके चलते सभी खातों को पैन नंबर से जोड़ने का काम चल रहा है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

ज्यादा समझदारी ले डूबेगी
इनकम टैक्स अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद बैंकों में बड़ी रकम जमा करने वालों की जांच का दूसरा फेज शुरू होने वाला है। इस बार निशाने पर वे लोग होंगे, जिनके पास एक से ज्यादा पैन और बैंक खाते हैं। आयकर विभाग से बचने के लिए कई लोगों ने अलग-अलग पैन नंबर के जरिए या अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराए हैं। डेटा एनालिसिस के जरिए ऐसे लोग सर्च किए जाएंगे। हालांकि 5 लाख रुपये से कम जमा वाले खाते इस जांच से बाहर रहेंगे। जांच अगले महीने से शुरू होगी।

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