सरकार और जाट नेताओं के बीच दूसरे दौर की बातचीत भी रही बेनतीजा

पानीपत

पानीपत में जाट नेताओं और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच आज दूसरे दौर की बातचीत भी खत्म हो गई है. इस बैठक से भी कोई हल नहीं निकल सका. बैठक के बाद जाट नेता यशपाल मलिक ने कहा कि प्रदेश में आंदोलन जारी रहेगा.

यशपाल मलिक ने बताया, सरकार से हुई बातचीत में सिर्फ मुआवजा राशि पर सहमति बन पाई है. इसके अलावा किसी भी मुद्दे पर कोई हल नहीं निकल पाया.

यशपाल मलिक ने कहा कि 28 फरवरी को प्रदेश भर में बड़े स्तर पर काला दिवस मनाया जाएगा और बलिदान दिवस से ज्यादा लोग काला दिवस में शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि 2 मार्च को दिल्ली में भी विशाल पदर्शन करेंगे, जिसमें दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के जाट शामिल होंगे.

बता दें कि, हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी की अध्यक्षता वाली अधिकारियों की पांच सदस्यीय कमेटी ने पानीपत स्थित थर्मल प्लांट के रेस्ट हाउस में जाट नेताओं से बातचीत की. इससे पहले भी एक बार दोनों के बीच बैठक हो चुकी है, जो बेनतीजा रही थी.

इस बैठक में मुख्य सचिव डीएस ढेसी, सीएम के प्रधान सचिव आरके खुल्लर, प्रधान ओएसडी नीरज, इंडस्ट्री एंड कॉमर्स डिपार्टमेंट के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह हारट्रोन के प्रबंध निदेशक विजयेंद्र कुमार, डीजीपी केपी सिंह, सीआईडी के आईजी अनिल कुमार, एडीजीपी लॉ एंड आर्डर मोहम्मद अकील शामिल हुए. बैठक से पहले यशपाल मलिक ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी तब तक कोई भी समझौता नहीं होगा.

रेवाड़ी में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने जाट आरक्षण मुद्दे पर कहा कि इस मामले में सरकार को सोच समझकर फैसला लेना चाहिए और अपने फैसले पर सरकार को अडिग रहना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में उनसे कोई सलाह नहीं ली गई. राव इंद्रजीत रेवाड़ी में पिता राव बिरेंद्र की समाधि पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे.

उधर, जाट नेताओं से सरकार की बातचीत पर पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य ने कहा कि सरकार जाटों के सामने दंडवत हो गई है.

गौरतलब है कि हरियाणा में जाट आंदोलन का आज 23वां दिन है. अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले जाट समुदाय का धरना जारी है. धरने को लेकर सरकार अलर्ट है. वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने कई इलाको में इंटरनेट सेवाएं बंद रखने के आदेश दिए हैं.

टेलीकॉम विभाग के अधिकारी कि माने तो हरियाणा सरकार के आदेशों पर इंटरनेट सेवाएं बंद की गई हैं और जब तक सरकार के अगले आदेश नहीं आते तब तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी.

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