भारत विरोधी जेहादी गुटों का अड्डा बना कराची- रिपोर्ट

पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आज की तारीख में दहशत की सबसे बड़ी फैक्ट्री बन चुका है. अब दुनिया के नामचीन थिंक टैंक्स में शुमार इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप (ICG) की रिपोर्ट में भी इस बात पर मुहर लगी है. बेल्जियम के ब्रसेल्स से चलने वाले इस थिंक टैंक ने ‘पाकिस्तान: स्टोकिंग द फायर इन कराची’ नाम की रिपोर्ट में दावा किया है कि पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची भारत-विरोधी जेहादी गुटों का अड्डा है और अक्सर इन गुटों को पाकिस्तानी सेना की सरपरस्ती हासिल होती है.

रिपोर्ट की खास बातें-
-लश्कर ए तैयबा, मसूद अजहर के जैश-ए-मोहम्मद और शिया-विरोधी चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-झांगवी के कराची के मदरसों से करीबी रिश्ते हैं. इन मदरसों को देश और विदेश से फंडिंग की कोई कमी नहीं होती.

-पाकिस्तान के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन कराची के संसाधनों पर कब्जे की होड़ में रहते हैं. ये गुट कई मदरसे और धर्मार्थ संस्थाएं चलाते हैं. पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का इनपर कोई जोर नहीं है.

-पाकिस्तान का सबसे अमीर शहर कराची आतंकी संगठनों के बीच सियासी, सांप्रदायिक और नस्ली होड़ के चलते ‘प्रेशर कुकर’ में तब्दील हो रहा है. अपराधियों के खिलाफ अभियान में पाकिस्तानी रेंजर्स ने शहर के आसपास बने जेहादियों के ठिकानों को नहीं छुआ.

– रिपोर्ट में कई नेताओं, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के हवाले से कहा गया है कि 2013 में रेंजर्स के ऑपरेशन से पहले कई चरमपंथी शहर छोड़कर भाग खड़े हुए थे. लेकिन अब वो दोबारा कराची में जुट रहे हैं. जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता है कराची में आतंकी संगठन सक्रिय हो जाते हैं.

-कराची और आसपास के इलाकों में जेहाद को बढ़ावा देने वाले मदरसे धड़ल्ले से चल रहे हैं. ये मदरसे बेरोजगार नौजवानों को भड़काकर आतंकी बनाते हैं. हालांकि आतंक में सिर्फ गरीब और कम पढ़े-लिखे नौजवान शामिल हों, ये जरुरी नहीं है.

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