पढ़ें, जेल में क्या करेंगी कैदी नंबर 9435 शशिकला

बेंगलूर

उच्चतम न्यायालय द्वारा आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दोषी करार दी गई अन्नाद्रमुक महासचिव वी.के. शशिकला ने आज यहां विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। विशेष अदालत के न्यायाधीश अश्वत नारायणा के समक्ष मामले के अन्य दोषियों सुधाकरण और इलावरसी ने भी आत्मसमर्पण किया है। इन सबको जेल भेज दिया गया है। शशिकला को बैरक नं. 2 में रखा गया है और उनका कैदी नंबर 9435 है।

इससे पहले आज उच्चतम न्यायालय ने स्वास्थ्य कारणों से 4 सप्ताह का समय मांगे जाने संबंधी शशिकला की याचिका खारिज कर दी थी। शशिकला ने जेल जाने से पहले आज जे. जयललिता के स्मारक और पार्टी संस्थापक एम.जी. रामचंद्रन के रामपुरम आवास का दौरा किया। साथ ही उन्होंने जे. जयललिता द्वारा पार्टी से 5 साल पहले निष्कासित किए गए अपने निकट संबंधियों टी.टी.वी. दिनाकरन और एस. वैंकटेश को आज फिर से पार्टी में शामिल कर लिया। उन्होंने घोषणा की कि पूर्व राज्यसभा सदस्य दिनाकरन को पार्टी का उप-महासचिव नियुक्त किया गया है।

वहीं यहां के एक रिजॉर्ट में पार्टी के विधायकों को कथित रूप से हिरासत में रखने के लिए आज पुलिस ने अन्नाद्रमुक महासचिव वी.के. शशिकला और विधायक दल के नेता ई. पलानीसामी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दोनों के खिलाफ अपहरण और गलत तरीके से कैद में रखने से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जेल में बनाएंगी मोमबत्ती, 50 रुपए मिलेगी मजदूरी
शशिकला को सश्रम कारावास की सजा मिली है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक जेल प्रशासन उन्हें मोमबत्ती बनाने का काम दे सकता है। इसके लिए उन्हें एक दिन का पारिश्रमिक 50 रुपए मिलेगा।शशिकला को जेल में किसी भी तरह का कोई वी.वी.आई.पी. ट्रीटमैंट नहीं मिलेगा। जेल की एक सामान्य बैरक में उन्हें 2 अन्य महिलाओं के साथ रखा जाएगा। उन्हें पहनने के लिए 2 साडिय़ां मिलेंगी। इसके साथ ही उन्हें रविवार को भी छुट्टी नहीं मिलेगी।

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