हार्ट पेशेंट्स का अब सस्ते में होगा इलाज !

नई दिल्ली

हार्ट पेशेंट्स के इलाज में इस्तेमाल होने वाले कोरोनरी स्टेंट्स की कीमत सरकार ने 85% घटा दी है। अब सभी वैराइटी के स्टेंट करीब 7000 से 31 हजार रुपए के बीच मिलेंगे। फिलहाल, इनकी कीमत 45 हजार से 1.25 लाख रुपए तक थी। नई कीमत में वैट समेत तमाम दूसरे टैक्स शामिल हैं। नई कीमतें फौरन लागू करने को कहा गया है। कैमिकल एंड फर्टिलाइजर मिनिस्टर अनंत कुमार ने मंगलवार को यह जानकारी दी। नेशनल फॉर्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने भी एक नोटिफिकेशन में इसकी जानकारी दी है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अथॉरिटी की वेबसाइट पर बताया गया है कि स्टेंट पर 654% मार्जिन लेकर हॉस्पिटल मोटी कमाई करते हैं।

हार्ट पेशेंट्स को सालाना 4.5 करोड़ का फायदा
– अथॉरिटी के नोटिफिकेशन के मुताबिक, ‘अब बेयर मेटल स्टेंट (BMS) की कीमत 7,260 और ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट (DES) के लिए 31,080 तक फिक्स होगी।’
– ‘पिछले दिनों स्टेंट की सप्लाई चेन में कई गड़बड़ियां सामने आईं। मार्केट सिस्टम में सही जानकारी नहीं होने से मरीज पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। जनता के हित को ध्यान में रखते हुए बेहद जरूरी है कि कोरोनरी स्टेंट की कीमत फिक्स की जाए।’
– ‘पिछले साल सरकार ने ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) के तहत स्टेंट को नेशनल लिस्ट ऑफ एसेंशियल मेडिसिन (NLEM), 2015 में शामिल किया था।’
– सरकार ने कहा है कि इस फैसले से एक स्टेंट की कीमत 80 से 90 हजार तक कम होगी। साथ ही देश के लाखों मरीजों को सालाना 4,450 करोड़ की फायदा मिलेगा।

सरकार का रुख सख्त
-सरकार ने स्टेंट बनाने वाली और इन्हें डिस्ट्रीब्यूट कंपनियों से साफ कहा है कि नई कीमतें मौजूदा स्टॉक पर भी लागू होंगी। इसके मायने ये हुए कि जो स्टेंट अभी बाजार में मौजूद हैं उनका प्रिटिंग रेट चाहे जो हो लेकिन उन्हें बेचना सरकार के तय किए गए दामों पर ही होगा।
दो तरह के होते हैं स्टेंट?
– हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. अनुज सारडा के मुताबिक, कोरोनरी स्टेंट एक ट्यूब के जैसी डिवाइस होती है, जिसे ब्लॉकेज होने पर आर्टरी में लगाया जाता है। ताकि हार्ट को पूरी तरह खून की सप्लाई मिलती रहे।
– सर्जरी के जरिए स्टेंट को आर्टरी के उस हिस्से में लगाया जाता है। जहां कोलेस्ट्रॉल जमने से ब्लड सप्लाई नहीं हो पाती है और हार्ट अटैक का खतरा रहता है।
– बेयर मेटल स्टेंट (BMS) नॉर्मल स्टेंट होता है। जबकि खास तरह के ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट (DES) पर मेडिसिन लगी होती है। इसलिए इसकी कॉस्ट थोड़ी ज्यादा होती है।

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