जाट आरक्षण आंदोलन, हरियाणा ने केंद्र से मांगे अर्धसैनिक बलों के जवान

शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा में जाट आंदोलन जारी है.  राज्य के कई क्षेत्रों में धरना प्रदर्शन जारी है. जाटों के आंदोलन को देखते हुए हरियाणा सरकार ने केंद्र से 5600 अर्धसैनिक बलों की मांग की है ताकि राज्य में बढ़ते तनाव से निपटा जा सके.
केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे गए पत्र में हरियाणा की सरकार ने बताया कि आरक्षण को लेकर चल रहे जाट आंदोलन के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में तनाव फैल गया है और कानून-व्यवस्था खराब होने की संभावित स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की जरूरत है.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा सरकार ने अर्धसैनिक बल की 56 कंपनियां मुहैया कराने का आग्रह किया है और गृह मंत्रालय इस आग्रह पर गौर कर रहा है. अर्धसैनिक बल की एक कम्पनी में करीब 100 जवान होते हैं.

इस आंदोलन की अगुवाई कर रही ऑल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बताया कि हमारा आंदोलन हरियाणा के सभी जिलों में चल रहा है और मंगलवार को यह दिल्ली के बवाना गांव में भी पहुंच गया. राज्य के कई इलाकों में धरना प्रदर्शन जारी है. तीन दिनों पहले हरियाणा सरकार की एक समिति और जाट आंदोलन के नेताओं के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही.

अगर अभी तक धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इन जाट नेताओं ने अपनी मांगे नहीं माने जाने की स्थिति में 19 फरवरी के बाद आंदोलन तेज करने की धमकी दी है. हरियाणा के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और सरकार द्वारा गठित वरिष्ठ अधिकारियों की समिति के सदस्य राम निवास ने कहा कि सरकार स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है.

धरना अभी तक शांतिपूर्ण रहा है, लेकिन जाट नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें तुरंत नहीं मानी जातीं तो 19 फरवरी के बाद वे अपना आंदोलन तेज करेंगे.
हरियाणा में पिछले वर्ष हुए जाट आंदोलन के हिंसक हो जाने से करीब 30 लोग मारे गए थे और करोड़ों रुपए की संपत्ति नष्ट हो गई थी.

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