जाट आंदोलन पर बोले सीएम- धारा 302 और 307 के मुकदमे कैसे वापस ले सकते हैं?

फरीदाबाद/भिवानी

सूरजकुंड में कैबिनेट की बैठक के दौरान जाट आंदोलन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक के बाद सीएम मनोहर लाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और कहा कि कानून के दायरें में रहकर मांगों पर विचार किया जाएगा.

सीएम मनोहर लाल ने बताया कि, उच्च स्तरीय कमेटी ने जाट आंदोलनकारियों के साथ हुई पहली बैठक के रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. जिस पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जाट प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि पिछले साल आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के सभी केस वापस ले लिए जाएं, मगर धारा 302 और 307 जैसे जघन्य अपराध के केस कैसे वापस लिए जा सकते हैं?

उधर, भिवानी के धनाना गांव में जाट समुदाय का धरना 17वें दिन भी जारी है. धरना दे रहे जाट आंदोलनकारियों ने कहा है कि वो भाईचारे और गांधीगीरि से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. ऐसे में सरकार को भी चाहिए कि वो नकारात्मक सोच की बजाए सकारात्मक सोच रखे. साथ ही जाट नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर प्रदेश में हालात बिगड़े तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी.

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