अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की तैयारियां शुरू

मंडी

अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के लिए देवता सजने शुरू हो गए हैं। गांव में न केवल उत्सव को लेकर देवलुओं में उत्साह है बल्कि देवताओं में भी सुंदर दिखने की होड़ लगी रहती है। देवताओं के शृंगार का काम देवताओं के खास कारीगर और देवलु करते हैं। खास बात यह है कि केवल शिवरात्रि के लिए ही कुछ देवता खास तौर पर शृंगार करते हैं जबकि वर्षभर ये देवता स्वर्ण आभूषणों व नगों को नहीं पहनते हैं। इसकी खास वजह यह है कि देवता शिवरात्रि जलेब में शामिल होने आते हैं जिसे शिव की बारात कहा जाता है।

25 फरवरी से विधिवत शुरू होगा मेला
हालांकि इस बार शिवरात्रि 24 फरवरी को है लेकिन मंडी में शिवरात्रि का मेला 25 फरवरी से विधिवत शुरू होगा इस दिन मुख्य जलेब निकलेगी। इस जलेब में माधवराय से मिलने और भूतनाथ मंदिर में हाजरी भरने के लिए देवता खास साज-सज्जा के साथ आते हैं। यही नहीं देवता के ऐसे कई वाद्ययंत्र भी केवल शिवरात्रि में आते हैं जिनक ी ध्वनियों से छोटी काशी मंडी देवलोक सी प्रतीत होती है। इस बार देव ध्वनि कार्यक्रम का भी आयोजन रखा गया है लिहाजा देवलु अपने वाद्ययंत्रों को चमकाने में लगे हुए हैं।

16 को चलेंगे देव कमरूनाग
आराध्य देव कमरूनाग 16 फरवरी को अपने मूल स्थान से चलेंगे और करीब 8 दिन पैदल यात्रा के बाद 23 फरवरी को मंडी शहर में प्रवेश करेंगे। खास बात यह है कि कमरूनाग के पास भी ऐसे वाद्ययंत्र हैं जो केवल उनके साथ चलने पर ही बजाए जाते हैं।

20 को मंडी रवाना होंगे सराज के देवता   
बालीचौकी और जंजैहली सराज के देवता 20 फरवरी को चलेंगे और 4 दिन पैदल सफर और रात्रि ठहराव के बाद मंडी शहर में प्रवेश करेंगे। इस बार बर्फबारी भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों के देवताओं के कदम रोक सकती है क्योंकि सराज के कई क्षेत्र में अभी भी बर्फबारी से मार्ग बंद हैं। अगर फिर बर्फबारी हुई तो मार्ग बंद हो सकते हैं।

शिवरात्रि में 3 विधानसभा क्षेत्रों से ही आते हैं देवता  
शिवरात्रि महोत्सव के लिए 3 विधानसभा क्षेत्रों से ही देवता आते हैं। इसमें सराज, सदर व द्रंग विधानसभा क्षेत्र की तहसीलों के देवता ही भाग लेते हैं जबकि सुकेत रियासत के देवता यहां नहीं आते। इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों से कुल 215 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा जाता है।

15 को होंगे करसोग व सुंदरनगर के ऑडीशन
रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के लिए मंडी जिला से संबंधित सांस्कृतिक दलों के कलाकारों का चयन ऑडीशन के माध्यम से किया जाएगा। ए.डी.सी. एवं संयोजक सांस्कृतिक कार्यक्रम उपसमिति हरीकेष मीणा ने बताया कि ऑडीशन 14 से 18 फरवरी 2017 तक विपाशा सदन भ्यूली मंडी में होगा। धर्मपुर, सरकाघाट और जोगिंद्रनगर उपमंडलों से संबंधित कलाकारों का ऑडीशन 14 फरवरी, पधर, जंजैहली और गोहर उपमंडलों से संबंधित कलाकारों का 15 फरवरी, करसोग और सुंदरनगर उपमंडल से संबंधित कलाकारों का 16 फरवरी, बल्ह का 17 फरवरी और सदर मंडी उपमंडल से संबंधित कलाकारों के ऑडीशन की तिथि 18 फ रवरी को निर्धारित की गई है।

कलाकारों को नहीं मिलेगा यात्रा व दैनिक भत्ता
ऑडीशन में भाग लेने वाले कलाकारों को किसी प्रकार का यात्रा व दैनिक भत्ता प्रदान नहीं किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा चयनित प्रतिभागियों को ही कार्यक्रम प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया जाएगा।

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