पहले मासूम को टक्कर मारी, फिर पांच घंटे तक गाड़ी में लेकर घूमता रहा, पढ़ें आगे क्या हुआ

दिल्ली में संवेदनहीनता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के मुखर्जी नगर में एक कैब ड्राइवर ने एक 4 साल के बच्चे को टक्कर मार दी और 5 घंटे तक उसे और उसकी मां को गाड़ी में बैठाकर घुमाता रहा। इतना ही नहीं उसने रोहित कुमार नाम के बच्चे की मां को एक्सिडेंट की शिकायत दर्ज न कराने की धमकी भी दी। 5 घंटे तक कोई उपचार नहीं मिलने के कारण बच्चे की गाड़ी में ही मौत हो गई। कैब के ड्राइवर राहुल (32) को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

नौकरानी के तौर पर काम करने वाली रोहित की मां बसंती कुमारी ने टाइम्स अॉफ इंडिया को बताया कि, वो 5 घंटे बहुत डरावने थे। मेरे तीन बच्चे मुझसे लगातार पूछ रहे हैं कि रोहित कहां है। मैं उन्हें कैसे बताऊं कि अब वे अपने भाई को कभी नहीं देख पाएंगे। पुलिस ने कहा कि इस घटना की रिपोर्ट शुक्रवार शाम कराई गई है। उसमें लिखा गया है कि रोहित इंदिरा विकास कॉलोनी में घर के बाहर खेल रहा था तभी एक ईको कैब ने उसे रिवर्स करते हुए टक्कर मार दी। जब भीड़ जमा हो गई तो 32 साल के कैब ड्राइवर राहुल ने बच्चे को अस्पताल ले जाने के लिए कहा। रोहित और उसकी मां जब कैब में बैठे तो ड्राइवर किसी अस्पताल पर नहीं रुका और 5 घंटे तक कैब को घुमाता रहा। वह कैब में रोहित की मां से कहता रहा कि रिपोर्ट न कराएं और उन्हें धमकी देने लगा।

रोहित की मां बसंती ने कहा, ‘मेरे पास फोन भी नहीं था कि मैं किसी को बता सकूं। उसने कैब की स्पीड बढ़ाई और बहुत दूर ले जाकर गाड़ी रोकी। उसने मुझसे कहा कि मैं इस घटना के बारे में किसी को कुछ न बताऊं। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था इस स्थिति में क्या करूं लेकिन फिर मैंने उससे कहा कि मैं इस घटना की रिपोर्ट पुलिस में जरूर करूंगी।’ बसंती ने कहा कि वह कार को एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर गया। वह अस्पताल के अंदर गया और थोड़ी देर बाद आकर कहने लगा कि अस्पताल वाले बच्चे को भर्ती नहीं कर रहे हैं। इसी तरह उसने एम्स सहित चार और अस्पतालों के पास गाड़ी रोकी और इसी जवाब के साथ बाहर आया। शाम 5.30 बजे रोहित ने अपनी आंखें एक आखिरी बार खोलीं और फिर हमेशा के लिए बंद कर लीं।

रोहित के पिता भावेश कुमार जो मिस्त्री का काम करते हैं ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी 6 बजे मिली। बसंती ने एक लोकल बूथ से उन्हें फोन किया था। दंपती फिर बच्चे तो अस्पताल लेकर गया लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी डीसीपी मिलिंद डुंबेरे ने कहा, रात 9 बजे हमें घटना की जानकारी मिली। हमने जल्दी से केस रजिस्टर किया और आरोपी को पकड़ने के लिए खोज शुरू कर दी। उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

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