मुलायम सिंह ने भाई शिवपाल के लिए मांगे वोट, लेकिन नहीं लिया बेटे का नाम

दिल्ली

उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने अभियान की शनिवार को शुरुआत की. मुलायम ने इटावा जिले की जसवंतनगर विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी शिवपाल सिंह यादव के लिए ताखा ब्लाक में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश का यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है. खासतौर से मेरे और शिवपाल सिंह के लिए.

इस दौरान मुलायम सिंह ने अपने भाषण में न तो अपने मुख्यमंत्री पुत्र अखिलेश यादव तथा उनकी सरकार का और न ही सपा-कांग्रेस गठबंधन का नाम लिया. उन्होंने किसी भी विपक्षी दल या नेता की आलोचना भी नहीं की. उन्होंने पार्टी के कामों को गिनाया लेकिन उन्हें अखिलेश से नहीं जोड़ा.

मौजूदा विधानसभा चुनाव में पहली बार किसी जनसभा को सम्बोधित कर रहे सपा संरक्षक ने कहा, “विशेष परिस्थितियों में शिवपाल सिंह को जिता देना. सपा के बारे में जो भूमिका लिखी गई है, उस पर नहीं जाना.” सपा संस्थापक ने कहा कि नौजवान लोग ही सपा की असली ताकत हैं और सबसे ज्यादा नौजवान सपा के साथ हैं, इसलिये हमारी पार्टी कभी बूढ़ी नहीं हो सकती.

हालांकि, मुलायम ने कहा कि सपा ने सबसे अधिक संख्या में लोगों को रोजगार दिया और जिन नौजवानों को नौकरी नहीं दे पाए उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया है और लड़कियों को कन्या विद्याधन दिया.

मुलायम ने कहा कि सपा के वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र का दूसरे लोग मजाक उड़ाते थे लेकिन पार्टी की सरकार ने वह भी साकार करके दिखाया. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा ने महिलाओं को सबसे अधिक सम्मान दिया और महिलाओं को सबसे अधिक चुनाव में टिकट दिये. सरकार में मंत्री बनाने का काम किया.

उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने ऐसे प्रयास किए हैं कि बीमारी से किसी की मौत ना हो. सरकार ने कर्ज की वजह से किसानों की जमीन नीलाम नहीं होने देने के लिये कानून बनाया. किसानों के हक में जो सपा सरकार ने जो कानून बनाए, उसी तर्ज पर अब अमेरिका भी योजनाएं बना रहा है. अमेरिका के समाचार पत्रों में हमें जगह मिलती है. सभा को सपा प्रत्याशी शिवपाल सिंह यादव ने भी संबोधित किया.

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