हरियाणा सरकार और जाट नेताओं के बीच नहीं बनी बात, बैठक में नहीं निकला कोई हल

पानीपत

आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर जाट समुदाय के लोगों का राज्य के अलग-अलग हिस्सों में धरना प्रदर्शन जारी है. इसी मुद्दे को सुलझाने के लिए सरकार की तरफ से बनाई गई पांच सदस्यीय कमेटी और जाट नेताओं के बीच अहम बैठक हुई.

पानीपत के रिफाइनरी गेस्ट हाउस में करीब साढ़े तीन घंटे चली इस बैठक में कोई भी नतीजा नहीं निकल पाया. बैठक के बाद जाट नेताओं ने कहा कि उनका शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा.

बता दें कि, बैठक में जाट समुदाय के लगभग 100 नेता शामिल हुए थे. वहीं, कमेटी की अध्यक्षता हरियाणा मुख्य सचिव डी एस ढेसी ने की. कमेटी में कुल पांच सदस्य थे, जिन्हें जाट प्रदर्शनकारियों की मांगों को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए सरकार ने गठित किया है.

गौरतलब है कि जाट प्रदर्शनकारी आरक्षण के साथ-साथ पिछले साल आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं. वहीं, मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने आंदोलन के दौरान दायर किए गए मुकदमों को भी वापस लेने की मांग की है.

हालांकि, सरकार ने हाल ही में प्रदर्शनकारियों की एक मांग की स्वीकार कर लिया, जिसमें पिछले साल जाट आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए केस को पास लिया गया है. लेकिन आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के जघन्य अपराधों के सरकार ने वापस लेने से इंकार कर दिया.

फिलहाल, सरकार और जाट आंदोलनकारियों के बीच कोई समन्य बनता नहीं दिखाई दे रहा है. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने एलान किया है कि उनका धरना शांतिपूर्वक ही किया जाएगा. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर कब तक सरकार और जाटों के बीच आरक्षण की खींचतान चलती रहेगी.

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