80 करोड़ में हिंदुस्तान मोटर्स ने ऐंबैसडर को बेचा, पढ़ें किसने खरीदा

एक दशक पहले तक भारत के प्रधानमंत्री से लेकर आम आदमी तक की कार ऐंबैससडर को फ्रेंच कार कंपनी पूजो (Pegeot) ने खरीद लिया है। सीके बिड़ला ग्रुप के मालिकाना हक वाली हिंदुस्तान मोटर्स ने यह सौदा 80 करोड़ रुपये में किया है। तीन साल पहले 2014 में ऐंबैसडर कार का उत्पादन रोक दिया गया था।

सीके बिड़ला ग्रुप के प्रवक्ता ने बताया, ‘हमने पूजो एसए ग्रुप के साथ अपने ब्रैंड और ट्रेडमार्क ऐंबैसडर को बेचने का समझौता किया है। ऐंबैसडर एक लोकप्रिय ब्रैंड है और हम इसे बेचने के लिए एक सही खरीददार देख रहे थे। फ्रेंच कंपनी एक सही खरीददार है। इस सौदे के बाद हम कर्मचारियों ड्यूज व अन्य देनदारियां देंगे।’ हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि पूजो भारत में अपनी कारों के लिए ऐंबैसडर ब्रैंड का प्रयोग करेगा या नहीं। इस संबंध में फ्रेंच कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया है।

ऐंबैसडर ब्रैंड को सात दशक पहले भारत में लॉन्च किया गया था। तब हिंदुस्तान मोटर्स ने मॉरिस ऑक्सफर्ड सीरीज II (लैंडमास्टर) को कुछ परिवर्तनों के साथ नए अवतार में पेश किया था। जल्द ही यह कार भारत की राष्ट्रीय पहचान बन गई और 1980 के दशक तक मारुति के आने से पहले यह भारतीय कार बाजार की बेताज बादशाह थी।

जहां 1980 के दशक के मध्य में हर साल 24,000 ऐंबैसडर बिकती थीं, वहीं 2013-14 में यह संख्या घटकर केवल 2,500 यूनिट रह गई। इसके बाद 24 मई, 2014 को हिन्दुस्तान मोटर्स की उत्तरपारा प्लांट में उत्पादन बंद कर दिया गया। यह प्लांट जापान की टोयटा कंपनी के बाद एशिया का दूसरा सबसे पुराना कार बनाने वाला प्लांट था। दूसरी ओर, पूजो की भारत में बहुत बड़ी मौजूदगी नहीं रही है। वर्तमान में यह कंपनी मित्सुबिशी के लिए हर 12,000 यूनिट अपने चेन्नै प्लांट में बना रहा है।

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