पाकिस्तान ने सीज़फायर उल्लंघन का आरोप लगाकर भारत को ही दी चेतावनी

इस्लामाबाद

पाकिस्तानी सेना ने भारत पर संघर्षविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है. पाक सेना ने चेतावनी दी है कि भारत द्वारा किए जा रहे संघर्षविराम उल्लंघनों से क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा पैदा हो गया है. ‘द डॉन’ की एक खबर के मुताबिक, बुधवार को मासिक कॉर्प्स कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह बात कही.

इस बैठक की अध्यक्षता पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने की. मालूम हो कि भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीज़फायर उल्लंघन का आरोप लगाता आया है. भारत की ओर से कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इन घटनाओं के प्रति विरोध जताया गया है.

पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि 2016 में भारत-पाकिस्तान सीमारेखा और नियंत्रण रेखा पर भारत की ओर से कई बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया. पाकिस्तान ने भारत पर भारी हथियारों से गोलीबारी करने का भी आरोप लगाया. पाकिस्तान के मुताबिक, इन घटनाओं में उसके 46 लोग मारे गए, जिनमें आम नागरिक और सैनिक दोनों शामिल हैं. उसका कहना है कि जवाबी कार्रवाई में भारत के कम से कम 40 सैनिक भी मारे गए.

पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि दिसंबर 2016 में इन घटनाओं में कमी आई, लेकिन एक बार फिर ऐसे मामलों में तेजी आ रही है. पाकिस्तान के मुताबिक, पिछले एक पखवाड़े में भारत ने कई बार संघर्षविराम उल्लंघन किया है. इससे पहले पाकिस्तान ने कहा था कि नियंत्रण रेखा के पास भारत की ओर से की जा रही कार्रवाई को वह सामरिक खतरे पैदा हो सकते हैं.

बैठक में कहा गया कि मंगलवार को भी भारतीय पक्ष की ओर से गोलीबारी की गई और इसमें 25 साल के मजदूर रजा अशफाक़ की मौत हो गई. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया, ‘भारत के गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण एक और मासूम को जान गंवानी पड़ी.’

पाकिस्तान में स्थित भारतीय दूतावास के डेप्युटी हाई कमिश्नर जे पी सिंह को पाक विदेश मंत्रालय ने तलब किया और इन घटनाओं पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई. पाकिस्तान ने भारत से उसके नागरिकों पर हमले करने जैसी कार्रवाइयां रोकने को कहा है. साथ ही, भारत से नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखने और 2003 में हुए संघर्षविराम समझौते का सम्मान करने को भी कहा गया है. पाक विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘डायरेक्ट जनरल डॉक्टर मुहम्मद फैसल ने निर्दोष नागरिकों को निशाने बनाए जाने की घटनाओं की निंदा की। यह ना केवल एक अपराध है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का भी उल्लंघन है.’

डॉन ने एक सूत्र के हवाले से बताया है कि सैन्य अधिकारियों की बुधवार को हुई बैठक में मुंबई बम धमाकों के आरोपी हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई पर भी चर्चा की. 30 जनवरी को हाफिज नजरबंद कर दिया गया था.

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