हिमाचल सरकार ने बढ़ाई में स्वतंत्रता सैनानियों की ‘सम्मान राशि’

ज्वालामुखी

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कांगड़ा जिला के ज्वालामुखी में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता सैनानियों सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता सैनानियों की ‘सम्मान राशि’ को 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 15 हजार रुपए तथा स्वतंत्रता सैनानियों की विधवाओं और अविवाहित पुत्रियों की पैंशन को 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 15 हजार रुपए करने की घोषणा की। उन्होंने स्वतंत्रता सैनानियों की अंतिम संस्कार राशि को 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए तथा स्वतंत्रता सैनानियों की विधवाओं की अंतिम संस्कार राशि को 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए करने की घोषणा की। इस मौके पर राज्य के स्वतंत्रता सैनानियोंतथा उनके आश्रित, के.सी.सी. बैंक के अध्यक्ष जगदीश सिपहिया, राज्य वन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया, कर्मचारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरिंद्र मनकोटिया, ब्रिगेडियर राजेंद्र राणा, जी.ए.डी. सचिव मोहन चौहान, जिलाधीश सी.पी. वर्मा तथा एस.पी. संजीव गांधी उपस्थित रहे।

पुत्रियों तथा पौत्रियों के विवाह की अनुदान राशि बढ़ी
मुख्यमंत्री ने पुत्रियों तथा पौत्रियों के विवाह की अनुदान राशि को 21 हजार रुपए से बढ़ाकर 31 हजार रुपए करने की घोषणा की। उन्होंने स्वतंत्रता सैनानियों कल्याण बोर्ड में स्वतंत्रता सैनानियों के वार्डों से 2 सदस्यों को नामित तथा राजस्व दस्तावेजों में स्वतंत्रता सैनानियों के परिवारों को स्थायी रूप से दर्ज करने की भी घोषणा की। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरी में बैकलॉग को शीघ्र समाप्त करने की घोषणा की।

सरकारी नौकरी में 2 प्रतिशत आरक्षण
मुख्यमंत्री ने 6 महीनों के भीतर स्वतंत्रता सैनानियों के घर तक जाने वाली सड़कों के लंबित पड़े निर्माण कार्य को पूर्ण करने तथा सरकारी नौकरी में वर्तमान 2 प्रतिशत आरक्षण में स्वतंत्रता सैनानियों की विवाहित पुत्रियों तथा पौत्रियों को लाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सैनानियों ने स्वतंत्रता को वास्तविकता का रूप दिया है, जिसके लिए हम उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के अज्ञात तथा गुमनाम नायकों को हम आज यहां नम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर सोमनाथ शर्मा पर गर्व
वीरभद्र सिंह ने कहा कि सच्चे नागरिक होने के नाते हमें निजी स्वार्थों से ऊपर उठकर अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों, भाषा तथा स्वतंत्रता सैनानियों के इतिहास को संरक्षित कर युवा पीढ़ी को सौंपना चाहिए।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के आंदोलनों से ही स्वतंत्रता प्राप्त हुई है तथा हमें यह कभी भी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के सैनिकों ने युद्ध तथा विभिन्न लड़ाइयों में वीरता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि हमें कांगड़ा के प्रथम परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर सोमनाथ शर्मा पर गर्व है।

Share With:
Rate This Article