400 रेलवे स्टेशनों का होगा पुनर्विकास, पढ़ें क्या है प्लानिंग

नई दिल्ली

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ‘स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम’ के पहले चरण की शुरूआत की। इस कार्यक्रत के तहत कुल 400 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाना है जिसमें पहले चरण के लिए 23 स्टेशनों के लिए निविदाएं मांगी गई हैं। इस पूरी योजना के तहत रेलवे को डेवलपरों की आेर से एक लाख करोड़ रुपए का निवेश किए जाने की उम्मीद है और इससे उसे 10,000 करोड़ रुपए की अधिशेष आय होने की उम्मीद है जिसका उपयोग वह अन्य आधुनिकीकरण योजनाओं पर कर सकेगी।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ए. के. मित्तल ने इस कार्यक्रम की शुरूआत पर कहा कि यह भारत में और संभावित तौर पर विश्व में सबसे बड़ा यात्रा संबंधी विकास कार्यक्रम है।  इस मौके पर प्रभु ने कहा कि देश में कहीं भी सबसे ज्यादा मूल्य वाली रीयल एस्टेट संपत्ति रेलवे स्टेशन हैं जहां बहुत ज्यादा लोग आते हैं। स्टेशनों की वाणिज्यिक कीमत बहुत ज्यादा है क्योंकि ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। चुनौती यह है कि इसका मौद्रीकरण कैसे किया जाए और इससे रेलवे के लिए आय कैसे की जाए ताकि यात्रियों को सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें।

इस चरण में लोकमान्य तिलक टर्मिनस, पुणे, ठाणे, विशाखापत्तनम, हावड़ा, कामाखया, फरीदाबाद, जम्मू तवी, उदयपुर सिटी, सिकंदराबाद, विजयवाड़ा, रांची, चेन्नई सेंट्रल, कोझीकोड, यशवंतपुर, बैंगलुरू कैंट, भोपाल, मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस, बोरीवली और इंदौर स्टेशन समेत कुल 23 का पुनर्विकास होना है।

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