शशिकला के खिलाफ पन्नीरसेल्वम की बगावत, कोषाध्यक्ष पद से हटाए गए

चेन्नै
शशिकला के सीएम बनने से पहले मंगलवार रात तमिलनाडु की राजनीतिक में नाटकीय मोड़ आ गया। AIADMK महासचिव शशिकला के लिए चुपचाप अपनी कुर्सी खाली करने वाले तमिलनाडु के कार्यकारी मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम ने लंबी खामोशी के बाद पैंतरा बदला और ‘चिनम्मा’ के खिलाफ बगावत का मोर्चा खोल दिया। पन्नीरसेल्वम को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा और शशिकला ने पार्टी के कोषाध्यक्ष पद से उनकी छुट्टी कर दी। उनकी जगह डिंडिगल सी.श्रीनिवासन को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया है। दोनों खेमे अब विधायकों को अपने पक्ष में लामबंद करने में जुट गए हैं।

क्या करेंगे राज्यपाल?
तमिलनाडु में इस बदले हुए घटनाक्रम के बीच अब सभी की नजरें राज्यपाल विद्यासागर राव पर टिक गई हैं। राज्यपाल के सामने अब चार विकल्प माने जा रहे हैं। इसमें से पहला यह है कि वह फिलहाल पन्नीरसेल्वम को ही सीएम बने रहने के लिए कह सकते हैं। दूसरा वह शशिकला को न्योता देकर बहुमत साबित करने को कह सकते हैं। तीसरा विकल्प विधानसभा को भंग करने का माना जा रहा है, जिसकी उम्मीद कम है। राज्यपाल चौथे विकल्प के रूप में राज्य में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं।
शशिकला ने ताजा संकट के लिए विपक्षी डीएमके पर आरोप लगाया है। वहीं, एआईएडीएमके विधायकों की बुधवार सुबह दस बजे एक बैठक बुलाई गई है। इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि गवर्नर शशिकला और पन्नीरसेल्वम से अलग-अलग बातचीत करके मामले को हल करने की कोशिश कर सकते हैं।

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