ISRO दूसरे देशों के सैटेलाइट लॉन्च कर अपनी लागत का आधा हिस्सा वसूलेगा

नई दिल्ली

इसरो 15 फरवरी को 104 सैटेलाइट लॉन्च करेगा। खास बात ये कि इसमें से इंडिया के केवल 3 सैटेलाइट हैं। इसरो अपने सैटेलाइट लॉन्च करने की आधी लागत फॉरेन पार्टियों से वसूल कर लेगा। आंध्र प्रदेश के श्रीहरि कोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से ये सैटेलाइट PSLV- C37 रॉकेट के जरिए लॉन्च किए जाएंगे।

600 किलोग्राम की कैपेसिटी बच रही थी
– इसरो के चेयरमैन एएस किरण कुमार ने कहा, “हम PSLV-C37 की कैपेसिटी का पूरा इस्तेमाल करना चाहते थे।”
– “हम इस दिन अपने तीन सैटेलाइट लॉन्च कर रहे हैं। इनमें 2 सैटेलाइट 19-19 किलोग्राम और एक सैटेलाइट 730 किलोग्राम का है।”
– “PSLV-C37 में 600 Kg की कैपेसिटी अभी बची हुई थी। इसमें विदेशों के नैनो सैटेलाइट के लॉन्चिंग को भी शामिल कर लिया गया।”
– “फॉरेन सेटेलाइट की लॉन्चिंग से हमारे सैटेलाइट की करीब-करीब आधी लागत वसूल हो जाएगी। 101 नैनो सैटेलाइट अमेरिका जर्मनी और दूसरे मुल्कों से संबंधित हैं, जबकि इंडियन सैटेलाइट कार्टोसैट सीरीज के हैं।”

रिकॉर्ड बनाएगा ISRO
– छोटे सैटेलाइट्स लॉन्च करने में स्पेशियालिटी हासिल कर चुके ISRO ने अब तक सैटेलाइट लॉन्चिंग के जरिए 631 करोड़ रुपए की कमाई की है।
– 104 सैटेलाइट लॉन्च कर ISRO रिकॉर्ड बनाएगा। इससे पहले ISRO 2016 में 20 सैटेलाइट लॉन्च कर चुका है।
– अब तक सबसे ज्यादा सैटेलाइट एकसाथ लॉन्च करने का रिकॉर्ड रूस के नाम है। रूस ने 2014 में एक बार में 37 सैटेलाइट लॉन्च किए थे। नासा भी एकसाथ 29 सैटेलाइट लॉन्च कर चुकी है।

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