पढ़ें, क्या है 59 CRPF के ट्रेनी कमांडोज के लापता होने का सच

सीआरपीएफ में एक अजीब मामला सामने आया है। श्रीनगर में अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद काउंटर-नक्सल एलिट यूनिट कोबरा के 59 कमांडोज ट्रेन से उतरकर अपने घर चले गए। जबकि उन्हें बिहार के नक्सल प्रभावित इलाके में अपनी पहली पोस्टिंग पर जाना था। ट्रेनी कमांडोज की यह लापरवाही सामने आने के बाद अब उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।

कब हुआ यह वाकया

-बता दें कि 2009 में बनी कोबरा सीआरपीएफ की वह यूनिट है, जिसे एंटी नक्सली ऑपरेशन के लिए तैनात किया जाता है।
– इस कमांडो फोर्स के 59 ट्रेनी को श्रीनगर में पांच हफ्ते की बेसिक ट्रेनिंग दी गई थी।
– रविवार को यूपी के मुगलसराय स्टेशन पर उतरने के बाद ये 59 ट्रेनी कमांडोज आगे के सफर पर बिहार नहीं गए। इसकी बजाय उन्होंने सामूहिक रूप से अपने घर या किसी अज्ञात जगह जाने का फैसला कर लिया।
– न्यूज एजेंसी पीटीआई को एक अफसर ने बताया कि जवानों ने ट्रेन में मौजूद अपने कमांडर को ही इस बारे में सूचना नहीं दी।
– रात के वक्त ही वे अपने-अपने घर चले गए।

जवानों के पास नहीं थे हथियार
– कोबरा यानी कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन के सीनियर अफसरों ने बताया कि बिहार के गया में मौजूद 205वीं कोबरा यूनिट के हेडक्वॉर्टर्स में सोमवार को इन कमांडोज की पहली तैनाती होनी थी।
– इन कमांडोज के पास हथियार नहीं थे। ड्यूटी पर रिपोर्ट करने की बजाय अपने मन से घर जाने का फैसला करने वाले अधिकतर कमांडोज यूपी और बिहार के ही रहने वाले हैं।

CRPF ने क्या किया?
– देश के सबसे बड़े पैरामिलिट्री फोर्स में 2011 में भर्ती किए गए काॅन्स्टेबल रैंक के इन कमांडोज के इस बर्ताव से सीआरपीएफ अफसर सकते में आ गए।
– फोर्स ने इस मामले में कोर्ट ऑफ इन्वाक्यरी के आदेश दिए हैं। दिल्ली स्थित सीआरपीएफ मुख्यालय इस मामले में जांच करेगा।
– इन ट्रेनी कमांडोज के साथ जो हवलदार और ट्रेनर्स थे, उन्होंने ट्रेन से उतरकर घर जाने वाले कमांडोज से कॉन्टैक्ट किया। कुछ कमांडोज ने मंगलवार को रिपोर्ट करने का वादा किया है।
CRPF ने दी सफाई

– CRPF के पीआरओ ने बयान जारी कर कहा कि ट्रेनी कमांडोज 5 फरवरी को सियालदेह एक्सप्रेस से जम्मू से गया जाने वाले थे। खराब मौसम के चलते 1 फरवरी को ही इन्हें जम्मू भेजा गया। इसके बाद इन्हें तय प्रोग्राम से पहले ही 2 फरवरी को ट्रेन में बैठा दिया गया।
– बयान के मुताबिक, तय तारीख से पहले गया पहुंचने की संभावना के चलते इन ट्रेनी कमांडोज ने अफसरों की मंजूरी के बगैर शनिवार-रविवार का वक्त घर पर बिताने का फैसला कर लिया। उन्होंने यह गलत कदम उठाया है। इस मामले की डिपार्टमेंट पड़ताल कर रहा है।

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