शॉकिंग, सौरव गांगुली पर लगे गंभीर आरोप

बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन  के ट्रेजरार रहे बिश्वरूप डे ने सौरव गांगुली की अगुवाई वाले एसोसिएशन पर मैचों के कॉम्पलिमेंट्री टिकट डिस्ट्रीब्यूशन में ट्रांसपेरेंसी न बरतने का आरोप लगाया है। ये टिकट 22 जनवरी को भारत-इंग्लैंड के बीच ईडन गार्डन पर खेले गए वनडे मैचों के लिए दिए गए थे।

इन पर भी लगाए आरोप

– बिश्वरूप डे ने कहा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में गांगुली, ट्रस्टी बोर्ड के चेयरमैन और बीसीसीआई के ज्वाइंट सेक्रेटरी रहे गौतम दासगुप्ता पर ट्रांसपेरेंसी नहीं बरतने का आरोप लगाया।
– बिश्वरूप का कहना है कि उन्हें कॉम्पलिमेंट्री टिकटों का जितना कोटा मिलना था वह नहीं दिया गया।
– बता दें कि बिश्वरूप को एसोसिएशन में नौ साल पूरे हो चुके थे। ऐसे में लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के आधार पर उन्हें हाल ही में सोसिएशन से हटना पड़ा।

गांगुली का आरोपों से इनकार
– गांगुली ने बिश्वरूप के इन आरोपों को नकार दिया है।
– उन्होंने कहा, “वो (बिश्वरूप) हमेशा मुझसे 200-300 टिकट लेते रहे हैं, इसलिए उनके आरोप बेबुनियाद हैं। मैं आगे कुछ नहीं कहना चाहता।”

बिश्वरूप ने लिखा था गांगुली को लेटर
– बिश्वरूप ने गांगुली में जस्टिस लोढ़ा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर क्रिकेट में ट्रांसपेरेंसी का हवाला दिया।
– उन्होंने लिखा, “मेरे मामले में, टिकटों के डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर कैब पर सवाल उठते हैं। मेरी आपसे गुजारिश है कि इस मामले में दखल दें और मसले को हल करें।”
– बिश्वरूप ने यह भी कहा कि भले ही उनका टेन्योर खत्म होने को था, कैब उन्हें बतौर पूर्व ज्वाइंट सेक्रेटरी या कैब मेंबर होने की वजह से टिकट दे सकता था।
– उन्होंने यह भी कहा कि अगर वाजिब कारण के साथ एक हफ्ते में जवाब नहीं दिया गया तो वे बोर्ड से इसकी शिकायत करेंगे।

दासगुप्ता के टैन्योर पर भी उठाए सवाल
– बिश्वरूप ने सवाल उठाया कि लोढ़ा पैनल की टेन्योर वाली रोक बीसीसीआई के पूर्व ज्वाइंट सेक्रेटरी दासगुप्ता पर लागू क्यों नहीं होती? वे बोर्ड और ट्रस्टी के चेयरमैन हैं।
– उन्होंने कहा, “वे 70 साल की उम्र पार कर चुके हैं और उनका नौ साल का टेन्योर भी हो चुका है…फिर वे अब तक क्यों बने हुए हैं।”

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