117 की उम्र में सुभाष चंद्र बोस के करीबी निजामुद्दीन का निधन

आजमगढ़ (यूपी)

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ड्राइवर और उनके करीबी रहे कर्नल निजामुद्दीन का सोमवार की सुबह 117 साल की उम्र में निधन हो गया। वे बताया करते थे कि बर्मा में छितांग नदी के पास 20 अगस्त 1947 को नेताजी को उन्होंने आखिरी बार नाव पर छोड़ा था। उसके बाद उनकी मुलाकात हुई नहीं। बता दें कि नरेंद्र मोदी ने बनारस में लोकसभा चुनाव के दौरान निजामुददीन के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था।

116 की उम्र में खुलवाया था बैंक अकाउंट

– निजामुद्दीन लंबे वक्त से बीमार थे। उनके छोटे बेटे अकरम ने  बताया कि सोमवार सुबह 4 बजे उनका निधन हुआ।
– आजमगढ़ के मुबारकपुर के रहने वाले कर्नल निजामुद्दीन उर्फ सैफुद्दीन की पत्‍नी अजबुनिशा भी 107 साल की हैं।
– यहां उन्होंने प्रूफ के तौर पर जो वोटर आईडी कार्ड और पासपोर्ट पेश किया था, उसके मुताबिक उनका जन्म 1900 में हुआ था।
-दोनों ने अप्रैल 2016 में एसबीआई की ब्रांच में ज्वाइंट अकाउंट खुलवाया था।

सुभाष चंद्र बोस के करीबी रहे निजामुद्दीन का 117 साल की उम्र में निधन

बेटे ने बयां किया था दर्द
– बेटे अकरम ने बताया था कि उन्होंने अपने पिता को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मान्यता दिलवाने की काफी कोशिश की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
– उम्र के आखिरी पड़ाव पर न ही राज्य सरकार, न ही केंद्र सरकार ने इस ओर ध्यान दिया। अब उनके पिता और मां ने ज्वाइंट अकाउंट खुलवाया।
– डीएम ने आश्वासन दिया था कि वह सरकार से कर्नल की पेंशन के लिए बात करेंगे।
– अकरम ने बताया था कि जब वह अकाउंट खुलवाने गए तो लोग हैरत में थे कि इस उम्र में एक साथ दोनों का खाता खुलना शायद दुनिया में पहली बार हुआ है।

निजामुद्दीन ने शेयर किए थे नेताजी से जुड़े फैक्ट्स
– नेताजी सुभाष चंद्र बोस के निधन को लेकर निजामुद्दीन ने उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ अहम बातें शेयर की थीं।
– उन्होंने बताया था कि वह आज भी नेताजी की बात करते हुए फख्र महसूस करते हैं।
– उनके मुताबिक, बर्मा में छितांग नदी के पास 20 अगस्त 1947 को नेताजी को उन्होंने आखिरी बार नाव पर छोड़ा था। इसके बाद से आज तक उनकी नेताजी से मुलाकात नहीं हुई।

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