हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में खलल डाल सकता है जाट आंदोलन

चंडीगढ़

हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को 9वें दिन भी जारी रहा. माना जा रहा है कि ये मुद्दा विधानसभा के बजट सत्र में हंगामे का कारण भी बन सकता है.

एक ओर जहां विपक्ष जाट समुदाय के समर्थन में है, वहीं सरकार मामला कोर्ट में होने का हवाला देकर किसी भी तरह का फैसला लेने से बचती नजर आ रही है.

बता दें कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले जाट समुदाय का शांतिपूर्ण धरना 9वें दिन भी जारी है, लेकिन इस शांतिपूर्ण धरने पर सियासी बयानबाजी गर्म है. ऐसे में माना जा रहा है कि इस जाट आंदोलन की गूंज 27 फरवरी से शुरू हो रहे हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में सुनाई दे सकती है.

वहीं, नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने जाटों की मांग पूरी ना होने तक विधानसभा सत्र किसी भी सूरत में ना चलने की चेतावनी दी है, लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि विधानसभा का सत्र आने पर सब देख लिया जाएगा.

उधर, हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी अभय चौटाला के बयान पर पलटवार किया है. विज ने कहा कि जाट आरक्षण का मामला कोर्ट में है लिहाजा आंदोलन नहीं होना चाहिए. लेकिन विपक्ष जाट आंदोलन का समर्थन करके राजनीतिक फायदा लेना चाहता है.

गौरतलब है कि जाट समुदाय पिछले साल आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मामलों को वापस लेने और आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवार वालों को नौकरी और मुआवजा देने की मांग कर रहा है.

लेकिन जहां सभी विपक्षी पार्टियां जाटों का समर्थन कर रही हैं. वहीं प्रदेश की सत्ता पर काबिज बीजेपी मामला कोर्ट में होने की बात कह रही है. ऐसे में 27 फरवरी से शुरू हो रहे हरियाणा विधासभा के बजट सत्र में आंदोलन का ये मुद्दा जरूर खलल डालेगा.

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