पुतिन के बचाव में ट्रंप ने कहा, ‘अमेरिका भी नहीं है निर्दोष’

वॉशिंगटन

शनिवार को फॉक्स न्यूज के पत्रकार बिल ओ राइली ने एक साक्षात्कार के दौरान राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से पूछा कि क्या वह रूस के राष्ट्रपति पुतिन का सम्मान करते हैं. इसका जवाब ट्रंप ने हां में दिया. इसके बाद राइली का अगला सवाल था कि पुतिन ‘हत्यारे’ हैं, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप उनकी इज्जत क्यों करते हैं. इसके जवाब में ट्रंप ने जो कहा वह खुद अमेरिका को ही कटघरे में खड़ा करता है. ट्रंप ने कहा, ‘आपके पास (अमेरिका) के पास भी बहुत सारे हत्यारे हैं. आप क्या सोचते हैं कि हमारा देश बहुत निर्दोष है?’

इसके जवाब में राइली ने कहा कि वह किसी ऐसे अमेरिकी नेता को नहीं जानते, जो हत्यारा हो. इसके बाद एकाएक ट्रंप ने इराक युद्ध का जिक्र छेड़ दिया और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का नाम लिए बिना उनकी तुलनी पुतिन से करने लगे। ट्रंप ने कहा, ‘हमने क्या किया है इसपर भी तो नजर डालो. हमने बहुत सारी गलतियां की हैं.’ ट्रंप ने यह भी कहा उन्होंने इराक पर अमेरिकी हमले का विरोध किया था, हालांकि इसका कोई प्रमाण नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मैं शुरू से ही इराक में युद्ध के खिलाफ था. अमेरिका ने भी बहुत सारी गलतियां की हैं. इराक में बहुत सारे लोग मारे गए थे. मेरा यकीन करो, हमारे आसपास भी बहुत सारे हत्यारे हैं.’

पत्रकारों के हितों और उनकी सुरक्षा के लिए काम करने वाली एक समिति के मुताबिक, साल 1992 से लेकर अबतक रूस में करीब 36 पत्रकारों की हत्या हुई है. साल 2000 में जब पुतिन पहली बार राष्ट्रपति बने, तब से अबतक रूस में 23 पत्रकारों की हत्या हो चुकी है. चेचन्या में अत्याचारों की जांच कर रहे एक पत्रकार अन्ना पोलितकोव्सकाया को गोली मार दी गई. पुतिन पर अपने विरोधियों की आवाज दबाने और राजनैतिक विरोधियों को क्रूरतापूर्ण तरीके से रास्ते से हटाने के आरोप लगते आए हैं.

ट्रंप अपने चुनाव अभियान के दौरान भी कई बार रूसी राष्ट्रपति पुतिन की तारीफ कर चुके हैं. पुतिन की तारीफ करना अलग बात है, लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद नैतिकता के आधार पर पुतिन की कार्रवाइयों और हरकतों की अमेरिका के साथ तुलना करना और अमेरिका को उसकी बराबरी में रखना, अमेरिकी जनता को रास नहीं आया. सोशल मीडिया पर ट्रंप के इस बयान की बहुत निंदा की जा रही है.

सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बयान पर आपत्ति जताई है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल किया कि अगर डेमोक्रैटिक पार्टी के किसी नेता या फिर खुद बराक ओबामा ने पुतिन की कार्रवाइयों के साथ अमेरिका की तुलना की होती, तो ऐसी स्थिति में रिपब्लिकन पार्टी कैसी प्रतिक्रिया करती. यह इंटरव्यू रविवार रात प्रसारित किया गया.

ट्रंप ने इसी इंटरव्यू में आगे कहा, ‘मैं पुतिन का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं कई और लोगों का भी सम्मान करता हूं. इसका यह मतलब नहीं कि मैं पुतिन के साथ दोस्ती करने वाला हूं.’ ट्रंप ने आगे कहा, ‘वह अपने देश के नेता हैं. मेरा मानना है कि रूस के साथ दोस्ती ना करने से बेहतर है कि हम उसके साथ अच्छे संबंध बनाएं.

अगर रूस इस्लामिक स्टेट (IS) और दुनिया भर में फैले इस्लामिक आतंकवाद के साथ लड़ाई में हमारी मदद करता है, तो यह अच्छी बात होगी. यह एक बहुत बड़ी लड़ाई है. क्या मैं उनके साथ मिलकर रहूंगा? इसका जवाब अभी मेरे पास नहीं है. बहुत मुमकिन है कि मैं ऐसा ना करूं.’

ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान में बार-बार कहा था कि वह रूस के साथ अच्छे संबंध बनाने और कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उसके साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं. इसे ध्यान में रखें, तो क्रीमिया के यूक्रेन से अलग होने में रूस द्वारा निभाई गई भूमिका के कारण उसपर जो आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए थे, उनको आगे भी जारी रखे जाने पर संशय है. ट्रंप ने कहा कि वह यूक्रेन और रूस, दोनों के साथ मिलकर इस समस्या को सुलझाने के लिए तैयार हैं. ट्रंप ने शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति से फोन पर बात भी की.

फॉक्स चैनल के इंटरव्यू में ट्रंप से उनके उस बयान के बारे में भी पूछा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हाल ही में संपन्न हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में करीब 30 लाख अवैध प्रवासियों ने मतदान में हिस्सा लिया. राइली ने पूछा कि इस आरोप को साबित करने के लिए उनके पास सबूत नहीं है, तो क्या साक्ष्यों के बिना इस तरह का गंभीर आरोप लगाना उनकी गैरजिम्मेदारी नहीं दर्शाता? इसका जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, ‘आप देखते हैं कि अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे विदेशी, जो कि हमारे नागरिक नहीं हैं, लेकिन फिर भी उनका नाम मतदाता सूची में है. देखिए बिल, जब आप मतदाता सूची में अवैध विदेशियों और मृतकों के नाम देखते हैं, तो यह एक बहुत बुरी स्थिति है। यह सच में बहुत बुरा है.’

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