8000 से ज्यादा कर्मचारी इस वित्त वर्ष होंगे रिटायर, सरकारी महकमों में अटकेंगे काम !

शिमला

हिमाचल में वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान साढ़े 8 हजार से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ऐसे में पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रही सरकार की चुनावी वर्ष में सिरदर्दी बढ़ सकती है। हजारों कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने से सरकार के बड़े महकमों की परेशानियां भी बढ़ेंगी। वित्त वर्ष 2017-18 के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग में ही 1700 से अधिक कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे। इसी तरह लोक निर्माण विभाग से करीब 1621, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग से 1240, प्रारंभिक शिक्षा विभाग से 582, स्वास्थ्य विभाग से 528, हिमाचल पथ परिवहन निगम से 433, पुलिस विभाग से 528, वन विभाग से 380 सहित अन्य विभागों से भी हजारों कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे।

हजारों कर्मचारी हो रहे हैं सेवानिवृत्त
विशेष बात यह है कि राज्य सरकार के विभिन्न महकमों में हजारों पद रिक्त चल रहे हैं। कर्मचारी संगठनों की मानें तो राज्य में करीब 60 हजार से अधिक पद विभिन्न विभागों में रिक्त चल रहे हैं जबकि नई भर्तियां नहीं हो रही हैं, ऐसे में कुछ विभागों के कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ है। कर्मचारी नेता बताते हैं कि जो नियुक्तियां हो रही हैं वे भी अस्थाई तौर पर हो रही हैं और नियमित नियुक्तियां लंबे समय से नहीं की जा रही हैं। देखा जाए तो कर्मचारियों को हिमाचल सरकार की रीढ़ माना जाता है लेकिन धीरे-धीरे यह कमजोर होने लगी है। साल दर साल हजारों कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं जबकि उस अनुपात में नई भर्तियां यहां नहीं की जा रही हैं।

शिमला में 54 हजार से अधिक कर्मचारी
प्रदेश के तहत सरकारी क्षेत्र में 2 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से सबसे अधिक कर्मचारी शिमला जिला में कार्यरत हैं। शिमला जिला में कर्मचारियों की संख्या 54 हजार से अधिक है। इसी तरह कांगड़ा जिला में 45 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। सोलन जिला में 18 हजार, ऊना जिला में 14 हजार, मंडी जिला में 38 हजार, कुल्लू जिला में 13 हजार, जिला लाहौल-स्पीति में 3 हजार, चम्बा जिला में 20 हजार, हमीरपुर जिला में 14 हजार, किन्नौर जिला में 5 हजार, जिला बिलासपुर में 14 हजार और जिला सिरमौर में 18 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।

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