नहीं थम रहा PoK में जुल्म का सिलसिला

पाकिस्तान द्वारा हर साल 5 फरवरी को मनाए जाने वाले ‘कश्मीर सॉलिडैरिटी डे’ पर एक बार फिर पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में आजादी के नारे लगे. लोगों ने पाक हुक्मरानों और ISI पर जुल्म ढाने का आरोप लगाया.

पाक के जुल्मों के खिलाफ खड़े हुए लोग
पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में लोग अब खुलकर पाकिस्तान के खिलाफ बोल रहे हैं. वहां पाक अफसरशाही के जुल्म से तंग आकर लोग सड़कों पर उतर आए हैं. रविवार को कश्मीर सॉलिडैरिटी डे के मौके पर पीओके में जमकर आजादी के नारे लगे.

लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी हुक्मरानों और आईएसआई ने पीओके में जुल्म की इंतेहा कर रखी है. यहां नागरिकों की आजादी छीनी जा रही है. ना बोलने की आजादी है, ना ही लिखने की. लोगों का कहना है कि स्थानीय पत्रकारों को सच छापने पर पाबंदी लगाई जाती है. उन्हें टॉर्चर किया जाता है. यहां सरे आम मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है.

पहले भी होते रहे हैं पीओके में प्रदर्शन
पीओके में आए दिन पाकिस्तान और पाकिस्तनी सेना के खिलाफ प्रदर्शन होते रहे हैं. पाकिस्तान की सरकार इसे बर्बरता से दबाती भी रही है. पिछले साल कोटली इलाके में अक्टूबर के महीने में आर्मी और आईएसआई की ज्यादती के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे थे. लोगों ने नवाज शरीफ सरकार के खिलाफ भी प्रदर्शन और नारेबाजी की थी. सितंबर 2015 में भी यहां के लोग भारत के सपोर्ट में खड़े हुए थे.
पिछले साल 14 अगस्त को गिलगित-बाल्तिस्तान और बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार और सेना का विरोध हुआ था. पाक सेना के लिए ‘गो बैक’ के नारे लगाए गए थे. जिसके बाद 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को अरेस्ट किया गया था. कई बार आरोप लगा है कि पाकिस्तानी फौज पीओके में ह्यूमन राइट्स की धज्जियां उड़ाती रही है. वहां विरोध कर रहे लोगों को कई बार यह कहते सुना जा चुका है कि वे इंडिया जाना चाहते हैं.

Share With:
Rate This Article