प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त केस, चैक बाऊंस के मामले में कथित आरोपी महिला बरी

अमृतसर

प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के व्यवसाय में मां की पार्टनर पर ही दायर किए गए चैक बाऊंस के मामले में सच्चाई कुछ और सामने आने पर मुद्दई का जहां मुकद्दमा फेल हो गया, वहीं स्थानीय जे.एम.आई.सी. की एक अदालत ने कथित आरोपी महिला को बरी भी कर दिया है। ध्यान रहे कि हरगोबिंद एवेन्यू मजीठा रोड निवासी जगबीर सिंह पुत्र अजीत सिंह ने अपने ही मोहल्ले में रहने वाली कथित आरोपी महिला शमां सोनी पत्नी नरेश कुमार के खिलाफ नैगोशिएबल इंस्ट्रियूमैंट एक्ट की धारा-138 के तहत चैक बाऊंस का मामला दायर किया था।

इसमें उसका कहना था कि कथित आरोपी महिला अक्सर अपने पति के साथ उनके घर आया-जाया करती थी। काफी जान-पहचान होने पर उसने उससे अक्तूबर 2013 में 6 लाख रुपए का कर्ज मांगा था। उनके अनुरोध पर उसने उसे 5 लाख रुपए का दोस्तानां कर्ज दिया था। एक महीने के पश्चात जब उसने उससे रुपए वापस मांगे तो उसने कर्ज के तौर पर ली गई 5 लाख रुपए की राशि में से 2.50 लाख रुपए का एक चैक नंबर 636709 दिनांक 15 दिसम्बर, 2013 के लिए जारी किया था, जो पंजाब एंड सिंध बैंक की स्थानीय रणजीत एवेन्यू शाखा से संबंधित था, जो पहली बार 30 जनवरी 2014 को बाऊंस हो जाने पर जब आरोपी महिला को इस संबंध में बताया गया, तो उसने यही चैक कुछ दिनों के पश्चात बैंक में लगाने के लिए कहा था।

इस पर उसने इस चौक को कैश करवाने के लिए दोबारा अपने बैंक स्टेट बैंक आफ इंडिया की शाखा मजीठा रोड में जमा करवाया तो 4 फरवरी 2014 को बैंक द्वारा जारी मीमो के अनुसार यह चैक दूसरी बार भी बाऊंस हो गया था, जिस पर उसे 18 फरवरी 2014 को 15 दिनों का लीगल नोटिस जारी कर उसे बाऊंस हुए चैक की धनराशि पुन: लौटाने का एक और मौका दिया गया था। बावजूद इसके आरोपी ने न तो लीगल नोटिस का कोई उचित जवाब दिया था और न ही बाऊंस हुए चैक की धनराशि ही लौटाई थी।

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