वर्ल्ड कैंसर डे: हर साल बढ़ रहे 12 फीसदी कैंसर रोगी

लगातार जागरूकता अभियान के बावजूद कैंसर रोगियों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। कानपुर के जेके कैंसर संस्थान के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां आने वाले कैंसर रोगियों में हर साल 10 से 12 फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है। इनमें ज्यादातर मुख कैंसर से ग्रसित होते हैं।

मुख कैंसर के रोगियों में खास बात ये है कि चालीस फीसदी युवा वर्ग (19 से 30 वर्ष के बीच) होता है। विश्व कैंसर दिवस से पहले जेके कैंसर संस्थान के रिकार्ड की पड़ताल की गई तो पता चला कि पिछले साल इस संस्थान में 10207 कैंसर रोगी आए, जबकि पांच साल पहले इनकी संख्या पांच हजार थी।

जेके कैंसर संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एमपी मिश्रा ने बताया कि हर साल 10-12 प्रतिशत कैंसर रोगी बढ़ रहे हैं। यहां आए कैंसर रोगियों में से लगभग 40 प्रतिशत को मुंह का कैंसर पाया गया। सर्वाधिक चिंताजनक बात यह है कि पान मसाला, गुटखा, तंबाकू खाने की वजह से मुख कैंसर का शिकार हो रहे रोगियों में 19 से 30 साल के युवाओं का प्रतिशत बढ़ता जा रहा है।

कोट रिफाइंड के बजाय कच्चे खाने पर जोर गुटखा की वजह से मुंह के कैंसर के रोगी तो बढ़ ही रहे हैं। फास्टफूड और कोल्डड्रिंक से गाल ब्लाइडर, लिवर सहित कई तरह के कैंसर हो रहे हैं। कैंसर से बचने के लिए मसाला, गुटखा, तंबाकू, फास्टफूड, कोल्डड्रिंक से परहेज करना चाहिए।
 
जेके कैंसर संस्थान में 2016 में आए कैंसर रोगियों का ब्यौरा

कैंसर का प्रकार              रोगियों की संख्या
मुंह, गर्दन, सिर –             4257
ब्रेस्ट –                             1900
बच्चेदानी –                     1700
गाल ब्लाइडर, लिवर-        900
फेफड़े-                             600
ब्लड कैंसर-                      300
हड्डियां, मांसपेशियां-        300
बच्चों का कैंसर –               250

Share With:
Rate This Article