मुस्लिम प्रवासियों पर ट्रंप के बैन पर अमेरिकी जज ने लगाई रोक

वॉशिंगटन

अमेरिका के ड्रिस्ट्रिक्ट जज जेम्स रॉबर्ट ने देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सात मुस्लिम बहुल देशों के यात्रियों और इमिग्रेंट्स पर लगाए गए बैन पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है.

जज ने यह रोक अमेरिकी राज्यों वॉशिंगटन और मिनेसोटा की ओर से शासकीय आदेश (executive order) पर देश भर में रोक लगाने के लिए की गई अपील के बाद लगाई है. ट्रंप के इस फैसले के कारण देशभर में कानूनी लड़ाइयां शुरू हो गई हैं.

सीएटल में अमेरिकी जिला जज जेम्स रॉबर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्यों का रुख ट्रंप के आदेश के प्रति चुनौतीपूर्ण था. जॉर्ज डब्ल्यू बुश के समय में जज बनाए गए रॉबर्ट ने राज्य सरकार की वकील बेनेट से पूछा कि क्या 9/11 के हमले के बाद अमेरिका पर इन सात मुस्लिम देशों ने कोई आतंकी हमला किया है? इसके जवाब में बेनेट ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है.

इसके बाद जज का कहना था कि इसका जवाब ना है. जज ने आगे कहा कि इन देश के नागरिकों से ख़तरे का हवाला देकर इनपर ये बैन लगाया गया है लेकिन इसे लोगों का समर्थन नहीं है.

ट्रंप के पिछले सप्ताह के आदेश से देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे और कई यात्रियों को रोक लिए जाने के कारण हवाई अड्डों पर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी. व्हाइट हाउस ने दलील दी है कि इससे अमेरिका सुरक्षित बनेगा. वॉशिंगटन ऐसा पहला राज्य है, जिसने ईरान, इराक, सीरिया, सूडान, सोमालिया, लीबिया और यमन से आने वाले लोगों पर लगाए गए 90 दिनों के ट्रैवल बैन और अमेरिकी रिफ्यूजी प्रोग्राम को सस्पेंड करने के आदेश को अदालत में चुनौती दी है.

मिनेसोटा बैन के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने वाला दूसरा राज्य है. अटॉर्नी जनरल बॉब फर्ग्यूसन ने इस सप्ताह कहा कि ट्रैवल बैन लोगों को नुकसान पहुंचाने वाला है और भेदभाव को बढ़ावा देने वाला भी है. मिनेसोटा राज्य इस मुकदमे में दो दिन बाद शामिल हो गया था. फैसला सुनाए जाने के बाद फर्ग्यूसन ने कहा कि बैन किए गए सात देशों के लोग अब अमेरिकी वीज़ा लिए आवेदन कर सकते हैं.

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