सेमी हाई स्पीड ट्रेन के लिए करना होगा और इंतजार, बुलेट अभी कोसों दूर

पिछले रेल बजट में रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन के सपने दिखाए थे, लेकिन अगले दो साल तक सेमी हाई स्पीड ट्रेन पर यात्रा करने का मौका भी यात्रियों को नहीं मिलने वाला है। बुलेट ट्रेन के साथ ही दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई के बीच सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में दिखाई दे रही है। आम बजट में इन ट्रेनों की चर्चा तक नहीं हुई।

दिल्ली-आगरा रूट पर सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाकर रेलवे ने खूब वाहवाही लूटी, लेकिन इस तरह की अन्य ट्रेनों को ट्रैक पर चलाना रेलवे के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। इसके लिए कॉरीडोर बनाने पर विचार किया जा रहा है।

यही वजह है कि रेलवे ने तर्क दिया है कि जब तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर तैयार नहीं हो जाता है तब तक मिशन रफ्तार पूरा नहीं हो पाएगा। बता दें कि फ्रेट कॉरीडोर का कुछ हिस्सा 2019 में खुलना है। इस कॉरीडोर पर मालगाड़ी को शिफ्ट कर यात्री ट्रेन के लिए ट्रैक के बोझ को कम करना है।
रूट का चयन किया गया

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके मित्तल के अनुसार सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने के लिए दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता रूट का चयन किया गया है। इन रूटों पर कॉरीडोर का निर्माण 2019 से पहले संभव नहीं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि डेडिकेटेट फ्रेट कॉरीडोर का काम पूरा होने के बाद ही ट्रेनों को रफ्तार मिलेगी।

अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन चलाने को लेकर उन्होंने कहा कि इसका अध्ययन किया जा रहा है। जापान व भारत के बीच उच्च स्तरीय संयुक्त समिति की बैठकें भी की गई हैं। मिशन रफ्तार के लिए रेलवे ने अलग से मोबिलिटी डायरेक्टोरेट का गठन किया है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की गति बढ़ाना है। इसके लिए कॉरीडोर का सर्वे रेलवे करा रहा है।

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